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इन 7 लोगों को थी सर्जिकल स्ट्राइक 2 प्लान की खबर, पुलवामा अटैक के बाद शुरू कर दी थी तैयारी

Posted On: 27 Feb, 2019 Hindi News में

Pratima Jaiswal

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सर्जिकल स्ट्राइक-2 ने पाकिस्तान समेत कई देशों को चौंका दिया। पुलवामा अटैक के बाद आंतकियों पर लगाम कसने के लिए इस प्लान को बहुत ही गुप्त रूप से बनाया गया। जिसकी जानकारी खुद राष्ट्रपति तक को नहीं थी। भारतीय वायुसेना के करीब 12 मिराज 2000 लड़ाकू विमान कल तड़के करीब साढ़े तीन बजे पाक के कब्जे वाले कश्मीर में घुसे। इन विमानों ने बालाकोट और चकोटी में एक हजार किलो के बम गिराए। इस हमले में जैश के आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया। हमले के बाद विमान भारतीय सीमा में सुरक्षित लौट आए। ऐसे में भारतीय वायुसेना की इस बहादुरी की, जमकर तारीफ हो रही है। कल से सोशल मीडिया पर लोग वायुसेना और मोदी सरकार की इस कार्रवाई की तारीफ कर रहे हैं। इस सर्जिकल स्ट्राइक-2 की जानकारी सिर्फ 7 लोगों को थी।

 

 

इन 7 लोगों को थी खबर, ऐसे की गई योजना तैयार
14 फरवरी को हुए हमले के तुरंत बाद भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) को पाकिस्तान में लक्ष्य तलाशने के लिए कहा गया था। रॉ ने छह लक्ष्य बताए जिसमें बालाकोट सूची में सबसे ऊपर था। यह जैश का सबसे पुराना प्रशिक्षण शिविर था और इसे संगठन के मुखिया मसूद अजहर का साले यूसुफ अजहर चलाता था। 18 फरवरी को पीएम मोदी ने हमले को मंजूरी दी। खुफिया अधिकारियों के अनुसार इस फैसले के बारे में केवल सात लोगों को पता था – मोदी, डोभाल, तीनों सैन्य प्रमुख और रॉ और इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख। 22 फरवरी से वायु सेना ने पाकिस्तानियों को भ्रमित करने के लिए विभिन्न सीमावर्ती ठिकानों से रात को उड़ाने भरनी शुरू कर दी। 25 फरवरी को खुफिया जानकारी मिली की बालाकोट कैंप में बड़ी संख्या में जैश-ए-मोहम्मद के 300-350 के बीच आतंकवादी मौजूद हैं। उसी शाम को तुरंत हमले का निर्णय लिया गया। मोदी को देर शाम तक पता था कि अगले कुछ घंटों में हमला हो सकता है।

 

 

पीएम मोदी समेत सेना प्रमुख ऐसे रख रहे थे निगरानी
इस कार्रवाई की निगरानी करने के लिए पीएम मोदी रात भर जागते रहे। डोभाल, वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ और रॉ और आईबी के प्रमुख भी इस कार्रवाई के दौरान जगे रहे। सेना प्रमुख बिपिन रावत और नौसेना प्रमुख सुनील लांबा भी रात भर जगे हुए थे और स्थिति की निगाह बनाए हुए थे अगर ऐसी स्थिति बन जाए कि पाकिस्तान भूमि या समुद्र पर तत्काल जवाबी कार्रवाई शुरू करने का फैसला कर ले। वायुसेना के इस अभियान में 12 विमानों का इस्तेमाल किया गया, जो विमानों के उड़ना भरे से लेकर वापस हवाई अड्डे में लौटने तक ढाई घंटे तक चला।…Next

 

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