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प्रशांत भूषण - अन्ना की लड़ाई के अहम सिपाही

Posted On: 8 Sep, 2011 Hindi News में

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बीते दिनों दिल्ली के रामलीला मैदान में हम सबने अन्ना के अनशन में देश को साथ देते हुए देखा लेकिन यह बात भी सच है कि सरकार को झुकाने और मीडिया को आकर्षित करने में अन्ना से कहीं ज्यादा हाथ उनकी टीम का था जिसके सबसे अहम सिपाही थे प्रशांत भूषण. मानवाधिकार संगठन, पीयूसीएल से जुड़े प्रशांत भूषण अन्ना की टीम के अहम सदस्य हैं. अपने पिता शांति भूषण की तरह प्रशांत भूषण भी न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई लड़ते रहे हैं. प्रशांत भूषण ने ना सिर्फ अन्ना के आंदोलन के दौरान सक्रिय रूप से कार्य किया बल्कि कुछ साल पहले मेधा पाटकर के साथ नर्मदा बचाओ आंदोलन के लिए कानूनी लड़ाई उन्होंने ही लड़ी थी.


Prashant Bhushanप्रशांत भूषण का जीवन

प्रशांत भूषण सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट हैं. 15 साल की वकालत के दौरान वे 500 से अधिक जनहित याचिकाओं पर जनता की तरफ से केस लड़ चुके हैं. प्रशांत भूषण कानून व्यवस्था में निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था की पैरवी करते हैं. उनका मानना है कि देश की कानूनी संरचना को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी होना चाहिए.


Prashant Bhushanप्रशांत भूषण की बोलने की कला उन्हें जनता के बाच लोकप्रिय बनाती है और यही कारण है कि वह अन्ना के सबसे चहेते चेहरों में से एक हैं. प्रशांत भूषण की कानूनी समझ के कारण ही सरकार अन्ना के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही करने से पीछे हटती रही. पिता शांति भूषण और प्रशांत भूषण ने मिलकर देश में लोकपाल बिल को पास कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया.


प्रशांत भूषण लोकपाल विधेयक बनाने के लिए ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य भी हैं.


आरोप

अमर सिंह सीडी कांड: हमेशा भ्रष्टाचार और खराब सिस्टम के खिलाफ लड़ने वाले प्रशांत भूषण पर भी कीचड़ उछाला गया है. हाल ही में एक सीडी कांड में प्रशांत भूषण फंसते नजर आ रहे हैं. दरअसल सीडी में शांति भूषण, अमर सिंह और मुलायम सिंह से बातचीत हुई जिसमें शांति भूषण की ओर से कहा गया है कि उनके बेटे प्रशांत जजों को मैनेज कर लेते हैं. सीडी में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह और पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण के साथ पैसों के लेन-देन की बात की गई है.


सांसदों के अपमान के आरोप में प्रशांत भूषण को भी संसद की ओर से विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी किया गया है.


हालांकि आगे आने वाले दिन प्रशांत भूषण के लिए थोड़े कठिन होने वाले हैं लेकिन उन्होंने देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होकर और अपने कॅरियर को छोड़ जनता के लिए जो कार्य किया है वह प्रशंसनीय है.


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