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पप्पू और डब्बू के अविष्कार(हास्य-व्यंग्य)

Posted On: 17 Jul, 2010 Others में

मैं कवि नहीं हूँ!मैं कवि नहीं हूँ! निराला जैसी कोई बात मुझमे कहाँ!

Nikhil

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अरे कब तक फीचर्ड नहीं करेंगे आप मेरा ब्लॉग. माँ कसम हमने भी कसम खायी है की फीचर्ड करवा के रहेंगे. इसलिए अपने इस व्यंग्य में हमने वो सारी जानकारी, जो हमें अपनी जान पर खेल कर मिली है डाल दी है. अब जान पर खेलने का मतलब ये नहीं है की हम बन्दुक और गोलियों के बीच से निकले हैं, मेरा कहने का मतलब है की इन जानकारियों को इकठ्ठा करने के लिए हमें ऐसे जगहों पर बैठना पड़ा जहाँ पर बैठना, हमारी सेहत के लिए कतई फायदेमंद नहीं था. वैसे हम अपना ये व्यंग्य, श्री अभिभावक जी, माफ़ कीजियेगा आजकल अभिभावक तो होते नहीं, तो गार्जियन को डेडीकेट कर रहे हैं. अब आप सोच रहे होंगे की व्यंग्य लिख रहा हूँ और वो भी गार्जियन को डेडीकेट कर रहा हूँ, आपके सारे प्रश्नों का उत्तर आपको मिल जाएगा. इतने अधीर क्यूँ बन रहे हैं? मैंने कहा न इसबार काम की बात लिख रहा हूँ. अपना धैर्य बनाये रखें, क्यूंकि मैं आज, आजतक वालों और अन्य टी.वी चैनलों के खुलासों से बढ़कर खुलासा करने जा रहा हूँ.
सो रहे हो तो जाग जाओ! जगह-जगह घूम कर और अलग-अलग तरह के नशे से स्वयं को बचाते हुए, आज एक ऐसा खुलासा होने जा रहा है जो आपके आँखों के नींद उड़ा देगा. पप्पू अब पप्पू नहीं रहा. क्या पप्पू अब पप्पू नहीं रहा? तो पप्पू क्या बन गया? पप्पू अब वैज्ञानिक बन गया है. नए नए नशे के साधनों का अविष्कार करने वाला वैज्ञानिक. पप्पू के पापा, अगर आपका पप्पू, घर में कोरेक्स, कफ की दवा लाता है तो ये मत समझिये की आपका पप्पू कफ से पीड़ित है. आजकल कई पप्पू इस कोरेक्स को, नशे के नए साधन के रूप में प्रयोग कर रहे हैं. इतना ही नहीं, दवा कंपनीयों के द्वारा कुछ पप्पुओं का चयन सिर्फ इस वजह से हुआ है की वो इस नए अविष्कार को हर पप्पू तक पहुंचाए, जिससे उनका मुनाफा कई गुना बढ़ जाए. दवा खाक.-खा कर भारत की आधी आबादी तो पहले ही अस्वस्थ हो चुकी है, लेकिन कोरेक्स रूपी इस नए अविष्कार ने अन्य दवा कम्पनियों को प्रतियोगिता की सड़क पर उतर दिया है. अब वो दिन दूर नहीं, जब हर पप्पू, सड़क पर खुले आम, कोरेक्स या फोरेक्स या टोरेक्स को पीएगा. क्यूँ, क्यूंकि इसपर प्रतिबन्ध नहीं है.
आपने देखा की कैसे पप्पू ने एक लिक्विड नशे का अविष्कार किया. आइये अब आपको दिखाते हैं पप्पू का नया सोलिड अविष्कार, नशे के लिए. स्पस्मोप्रोक्सिवन या नीली गोली या ब्लू लेडी , जिस नाम से भी आप पप्पू के इस नए अविष्कार को बुलाएं पप्पू को कोई ऐतराज नहीं. पप्पू जानता है की नाम से कोई फर्क नहीं पड़ता, इसका असर अचूक है. २ कैप्सूल सुबह और दो कैप्सूल शाम खाइए. आपको किसी प्रकार के अन्य नशे की जरुरत नहीं पड़ेगी. पप्पू के इस नए अविष्कार ने नशा व्यापारियों की नींद उड़ा दी है. ३ रूपये की दो कैप्सूल ने शराब के ठेके और गांजा की दुकानों का सत्यानाश कर दिया है. अब तो लोग अफीम, चरस और हेरोइन को भी भूल रहे हैं. ब्लू लेडी के नए विज्ञापन; आप मैं और ब्लू लेडी के बारह कैप्सूल, बांकी सारे नशे के सामान, ब्लाडिफुल, ने विज्ञापनों के टी.आर.पी रेटिंग में पहला स्थान बना लिया है. पेट के दर्द के लिए बनायीं गयी यह गोली आजकल आशिकों के दिल के दर्द का भी इलाज कर रही है. पप्पू के इस नए अविष्कार के लिए दवा कंपनियों ने उसे आजीवन ब्लू लेडी के कैप्सूल फ्री दिए जाने की घोषणा की. वैसे, सोलिड अविष्कारों की श्रेणी में, वेलियम-१०, तरीका और अन्य गोलियां भी बाज़ार में उपलब्ध हैं जो बाज़ार में उपलब्ध हैं.
पप्पू के अविष्कारों ने युवाजगत में नशे के नए साधनों की खोज की प्रतियोगिता शुरू करवा दी. तैराकी, दौड़, बैडमिन्टन या क्रिकेट में ये अपनी पहचान बनाये या न बनाये, लेकिन नशे के अविष्कार में भारत को शीर्ष स्थान पर पहुँचाने का ये वचन दे चुके हैं. इनके नए अविष्कारों में आयोडेक्स भी है. इसकी खोज डब्बू ने की है. डब्बू, सोलिड और लिक्विड से भी एक कदम आगे बढ़ कर दोनों की मिक्स कर दिया. डब्बू का कहना है की अगर आयोडेक्स को रोटी या ब्रेड में डाल कर, ज्यादा मात्र में खाया जाए तो इसका असर कोरेक्स और ब्लू लेडी से भी ज्यादा होगा. साथ-साथ डब्बू ने whitener के साथ प्रयोग किये जाने वाले दयलयूटर की विशेषता बतलाते हुए कहा है की रुमाल पर आधी शीशी उड़ेल कर सूंघने से जो नशा चढ़ाता है उसके आगे दुनिया के बाकी सारे नशे के साधन छोटे लगेंगे.
डब्बू और पप्पू का नाम लिम्का बुक नशा अविष्कारक में दर्ज करवा दिया गया है. पप्पू और डब्बू के अभिभावक को पुरस्कार के तौर पर कफ़न का कपडा और पप्पू की हंसती हुई एक तस्वीर, माला चढाने के लिए भेज दी गयी है.
आप सभी ने पप्पू के अविष्कारों को देखा और समझा. आशा है आप अब जाग चुके होंगे, अरे सोये ही रहेंगे तो हमारा क्या लीजियेगा. हमारा काम था पप्पू और डब्बू के अविष्कारों से आपको अवगत करना, सो करवा दिया है. आगे भी किसी अविष्कार को जानने की जिज्ञासा हो तो हमें इस ब्लॉग पर कोमेंट दे कर सूचित करें. हमारा पता है :
निखिल झा, ब्लॉग संख्या ६२, पप्पू और डब्बू के अविष्कार.

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