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क्या कहु क्या न कहु दोस्तों

Posted On: 25 Mar, 2015 Others में

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omshukla

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जिंदगी जीने में मज़ा कुछ यो आने लगा है,

मोहब्बत में मरने का नशा छाने लगा है यारो;

अब तो होश में हम भी नहीं है यारो,

क्योकि ऐसे जीने में ही मज़ा आने लगा है यारो;

राश्ते तो बहुत लम्बे है पर मंज़िल को पाना है यारो,

अपनी असफ्ताओ से छुटकारा पाना है यारो;

जिंदगी तो बहुत छोटी है यारो,

हमे अपनी मंजिल को पाना है यारो;

तुम गर हौसला भर के देखो तो आसमा को भी जमी पर लाएंगे यारो,

क्या कहु क्या न कहु दोस्तों.

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