blogid : 26149 postid : 1596

टेलीफोन का आविष्कार करके अपनी गर्लफ्रैंड को अमर कर गए ग्राहम बेल, आज ही के दिन 1881 में छुआ था एक और मुकाम

Posted On: 1 Jul, 2019 Others में

Pratima Jaiswal

OthersJust another Jagranjunction Blogs Sites site

Others Blog

261 Posts

1 Comment

आपके मोबाइल की रिंगटोन बजी और आपने फोन उठाया। दूसरी तरफ से आई आवाज ‘हैलो’ और यहां से आपने भी कहा ‘हैलो’। अब इस हैलो के बाद शुरू होती है बाकी की बातें, लेकिन क्या आपने सोचा है कि हर बार फोन उठाते ही ज्यादातर लोग ‘हैलो’ क्यों बोलते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें खास बात क्या है। सभी लोग हैलो बोलते हैं और क्या पता ये हाय-हैलो वाला हैलो हो। आज साल 1881 को आज ही के दिन टेलीफोन पर पहली बार इंटरनेशनल कॉल की गई थी। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं, टेलीफोन से जुड़ा एक खास किस्सा।

 

hello pic updated

 

ग्राहम बेल की गर्लफ्रेंड का नाम था ‘मारग्रेट हैलो’
टेलीफोन के आविष्कार के लिए ग्राहम बेल का नाम हमेशा से याद किया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ग्राहम बेल की गर्लफ्रैंड का नाम मारग्रेट हैलो था और जब सालों की मेहनत के बाद बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया, तो उन्होंने एक ही तरह के दो टेलीफोन बनाए, एक टेलीफोन ग्राहम ने अपनी गर्लफ्रैंड को दे दिया। इसके बाद सभी तकनीकी कमियां दूर करने के बाद बेल ने सबसे पहले अपनी गर्लफ्रैंड को फोन लगाया। फोन उठाते ही ग्राहम बेल ने सबसे पहले अपनी गर्लफ्रैंड का नाम बड़े प्यार से ‘हैलो’ पुकारा। वो जब भी मारग्रेट को फोन करते ‘हैलो’ कहकर पुकारते थे। इस तरह फोन उठाते ही हैलो कहना एक सम्बोधन के शब्द के रूप में प्रचलित हो गया।

 

 

बड़ी दिलचस्प थी ग्राहम बेल की कहानी
आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया भर को, दूर बैठे अपने परिचितों की आवाज सुनने का तोहफा देने वाले ग्राहम बेल के घर में उनकी मां, पत्नी, और उनका एक खास दोस्त सुनने में अक्षम थे। इसी वजह से उन्हें बधिर लोगों से खासा लगाव था। उन्होंने ध्वनि विज्ञान के क्षेत्र में काफी अध्ययन किया और काफी यंत्र बनाए। 1876 में टेलीफोन के आविष्कार के अलावा मेटल डिटेक्टर बनाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है।

 

 

निजी जिंदगी की परेशानियों से हताश नहीं हुए बेल
ग्राहम बेल ने कभी भी अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों को रूकावट बनने नहीं दिया। बचपन में मां के न सुन पाने के कारण उन्होंने ध्वनि विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल की, वहीं दूसरी तरफ युवा होने पर अपने प्यार को मारग्रेट हैलो का नाम फोन पर पुकारकर हैलो को हमेशा के लिए अमर कर दिया। इसके अलावा शादी के बाद अपनी पत्नी को प्रेरणा बनाते हुए उन्होंने 1881 में ‘मेटल डिटेक्टर’ का आविष्कार किया था।…Next

 

Read More :

जिन लोगों के लिए 16 सालों तक अनशन पर रही इरोम शर्मिला, वही उनकी प्रेम कहानी के ‘विलेन’ बन गए

स्टीव जॉब्स उम्र भर चलाते रहे बिना नम्बर प्लेट की कार लेकिन इस ट्रिक से कभी पकड़े नहीं गए

कोई पुलिस तो कोई बना एक्टर, मैदान छोड़ने के बाद इन प्रोफेशन में हैं ये 7 मशहूर क्रिकेटर

 

 

 

Rate this Article:

  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग