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मरीज कितने दिन तक रहेगा जिंदा, अब बताएगा गूगल

Posted On: 19 Jun, 2018 Others में

Shilpi Singh

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गूगल में वैसे तो आप कई तरह के सवालों के जवाब खोजते होंगे और गूगल आपको हर सवाल का जवाब देता है। गूगल आपको आपको नौकरी देने क जानकार तो देता ही थी, लेकिन अब वो आपको एक बेहद खास जानकारी देना वाला है, जो लोगों को लिए किसी अजूबे से कम नहीं होगा। दरअसल ब गूगल एक ऐसी तकनीक लाने जा रहा है, जिसकी मदद से यह पता चल सकेगा कि किसी बीमार व्यक्ति के ठीक होने की संभावना कितनी है। गूगल ने इसके लिए एक शोध भी किया है, ऐसे में आने वाले दिन में ये ऐप आपके लिए फायदेमंद साबित होगी।

 

 

 

गगूल बताएगा मरीज का हाल

वैसे तो अभी तक आपने फेसबुक या किसी सोशल मीडिया पर की जगह पर ऐसे ऐप जरुर देखें होगें जो आपकी उम्र,शादी या फिर मौत के बारे में जानकारी देता होगा है। लोग अक्सर इन ऐप को वैसे तो लोग अक्सर मनोरंजन के लिए करते हैं, लेकिन गूगल अब आपको एक ऐसी तकनीक लाने जा रहा है, जिसकी मदद से यह पता चल सकेगा कि किसी बीमार व्यक्ति के ठीक होने की संभावना कितनी है।

 

 

डॉक्टर बताएगा मरीज जिंदा रहेगा या नहीं

दरअसल गूगल ने एक शोध किया है जिसमें एक ऐसी महिला का चयन किया गया, जिसे स्तन कैंसर था। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने महिला का रेडियोलॉजी स्कैन किया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि महिला के जीवित रहने की संभावना केवल 9.3 फीसदी ही है। इसके बाद गूगल से मदद ली गई, इसमें बताया गया कि महिला के बचने की संभावना 19.9 फीसदी है। इसके कुछ दिनों बाद महिला की मृत्यु हो गई।

 

 

गूगल ने किया है खास शोध

इस महिला के सभी रिसर्च को गूगल ने अपने पास रखा। इसके बाद बताया गया कि गूगल ऐसी तकनीक विकसित कर रहा है, जिससे किसी भी शख्स की मौत के बारे में जानकारी मिल सके। इसके जरिए यह पता चलेगा कि किसी व्यक्ति के पास जिंदा रहने का मौका कितने फीसदी है। इस बात का भी पता लगाया जा सकेगा कि कोई बीमार व्यक्ति कब तक अस्पताल में रहने वाला है।

 

 

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय ने किया है रिसर्च

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर निगम शाह ने बताया कि यह मॉडल अनुमानित है लेकिन इसके सटीक होने पर काम किया जा रहा है, इसके अलावा डॉक्टर्स कई सालों से इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड पर रिसर्च कर रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि यदि सही समय पर अधिक जानकारी सामने आ जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है, लेकिन मौजूदा समय में जिन तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है, वे काफी महंगी हैं।…Next

 

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