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राजा रवि वर्मा ने इस लड़की के चेहरे को देवी-देवताओं के चित्र बनाने में ऐसे किया था इस्तेमाल

Posted On: 29 Apr, 2019 Others में

Pratima Jaiswal

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राजा रवि वर्मा ने इस लड़की के चेहरे को देवी-देवताओं के चित्र बनाने में ऐसे किया था इस्तेमाल, इस बॉलीवुड फिल्म में दिखाई गई है उनकी कहानी आज फोटोग्राफी ने यादों को संजोना इतना आसान बना दिया है कि आप सेल्फी से पल-पल की खबर रख सकते हैं। जैसे, पांच महीने पहले आप कैसे दिखते थे और अब कैसे दिखते हैं यह आप मोबाइल फोटोग्राफी से आसानी से देख सकते हैं लेकिन एक दौर ऐसा था जब चित्रकारी को ही यादें संजोने का एक जरिया माना जाता था। देवी-देवताओं के खूबसूरत चित्र बनाने वाले ऐसे ही चित्रकार थे राजा रवि वर्मा। राजा रवि वर्मा बहुत फेमस चित्रकार रहे है। 29 अप्रैल 1848 को किलिमानूर में पैदा हुए थे। केरल में पड़ता है ये। पांच साल की उम्र में ही कलाकारी दिखाने लगे थे। वो अक्सर दीवारों पर चित्र बनाते थे। एक बार वो किसी राजभवन की दीवार पर कोई चित्र बना रहे थे। कुछ देर के लिए कहीं दाएं-बाएं चले गए। लौट के आए तो देखते है कि भतीजे ने चित्र पूरा करके उसमे रंग भी भर दिए हैं। उस समय रवि वर्मा की उम्र 14 साल रही होगी।

 

 

देवी-देवताओं को दिया चेहरा
राजा रवि वर्मा ही वो पहले चित्रकार थे। जिन्होंने देवी-देवताओं को आम इंसान जैसा दिखाया। भारतीय धर्मग्रंथों, पुराणों, महाकाव्यों में दिए गए पात्रों, देवी-देवताओं की कल्पना करके उन्होंने चित्र को कैनवास में उतारा। आज जो हम सब फोटो, पोस्टर वगैरह में सरस्वती, लक्ष्मी, दुर्गा, राधा, कृष्ण देखते हैं। उन सब को चेहरा देने का काम राजा रवि वर्मा ने ही किया था। 25 साल की उम्र में राजा रवि वर्मा को पहला ईनाम मिला। 1873 में चेन्नई के एक पेंटिंग एग्जीबीशन में रवि वर्मा की पेंटिंग ‘मुल्लप्पू चूटिया नायर स्त्री’ (चमेली के फूलों से केशालंकार करती नायर स्त्री) को पहला ईनाम मिला था। उसी साल इस पेंटिंग को वियना(आस्ट्रिया) के एग्जीबीशन में भी ईनाम मिला। इसके बाद से रवि वर्मा को विदेशों में भी पहचाने जाने लगा। 1893 में शिकागो में विश्व चित्र प्रदर्शनी लगी थी। विवेकानंद भी तब शिकागो में ही थे। प्रदर्शनी में रवि वर्मा की दस पेंटिंग्स लगाई गई थी।

 

 

रवि वर्मा के विवादित चित्र
रवि वर्मा न्यूड पेंटिंग्स बना के विवादों में भी आए थे। भारतीय धर्मग्रंथ और महाकाव्य चरित्रों की उर्वशी, रंभा जैसी अप्सराओं की न्यूड पेंटिंग्स बनाने की वजह से उन्हें भारी विरोध झेलना पड़ा था। कहते हैं इसी के चलते लोगों ने उनका मुम्बई वाला प्रेस भी जला दिया था। हालांकि, इसके बारे में सब एकराय नहीं है। कुछ का कहना है कि इन्होंने प्रेस किसी जर्मन चित्रकार को बेच दिया था। जिन्होंने उनके नाम पर ऐसे चित्र बेचे।

 

 

राजा रवि वर्मा की जिंदगी पर आधारित फिल्म
2014 में राजा रवि वर्मा की जिंदगी पर आधारित एक बॉलीवुड फिल्म रंगरसिया आई थी। जिसपर काफी विवाद भी हुआ था। कहते हैं रवि वर्मा अपनी पेंटिंग्स और पोर्ट्रेट के लिए सुगंधा से ही पोज कराया करते थे। फिल्म में दिखाया गया कि दोनों के बीच जिस्मानी रिश्ते थे, जिसे कई लोगों ने बेबुनियाद बताया। कहा जाता है कि उनकी लगभग सभी पेंटिंग्स में जिस एक लड़की चेहरा दिखता है। वो सुगंधा ही है। इस लड़की का रोल नंदना सेन ने निभाया था।…Next

 

 

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