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भारतीय डॉक्युमेंट्री 'पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस' को मिला ऑस्कर, जानें किस विषय पर आधारित है फिल्म

Posted On: 25 Feb, 2019 Others में

Pratima Jaiswal

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पिछले कुछ दशकों से हम आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़े हैं लेकिन आधुनिकता का अर्थ सिर्फ नौकरी, घर या गाड़ी नहीं बल्कि विचारों से भी है।
बात करें मुद्दों की तो आज दशकों बाद भी ऐसे मुद्दे हैं जिनपर बेबाकी से बात नहीं की जाती। जिसकी वजह ग्रामीण परिवेश में रह रहे लोगों या उस समस्या से जूझ रहे लोगों को उसकी जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसे में इन मुद्दों पर प्रभावशाली तरीके से बात करना या लोगों के सामने लेकर आना किसी क्रांतिकारी कदम जैसा ही है।

 

 

इसी बोल्ड कदम के लिए ‘पीरियड : एंड ऑफ सेंटेंस’ (Period End of Sentence)’ भारतीय डॉक्युमेंट्री ने ऑस्कर को अपने नाम किया है। फिल्म को बेस्ट डॉक्युमेंट्री शॉर्ट कैटिगरी फिल्म के ऑस्कर अवॉर्ड 2019 से नवाजा गया है। इस फिल्म को रयाक्ता जहताबची और मैलिसा बर्टन ने निर्देशित किया है। ईरानी-अमेरिकन फिल्म डायरेक्टर रयाक्ता ने ऑस्कर जीतने पर कहा कि ‘उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि पीरियड्स पर बनी फिल्म ने ऑस्कर जीता है।’

 

 

इस पृष्ठभूमि पर आधारित है फिल्म
यह फिल्म भारतीय पृष्ठभमि पर आधारित फिल्म है, जिसमें पीरियड्स के मुद्दे को उठाया गया है। फिल्म की कहानी हापुड़ में स्थित एक गांव की उन महिलाओं के इर्द गिर्द घूमती है, जिन्हें पैड्स उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मासिक धर्म के दौरान कई महिलाओं को बीमारियां चपेट में ले लेती हैं जो मौत का कारण भी बनती है। इस 26 मिनट की फिल्म में वह पहलू भी दिखाया गया जिसमें पैड न होने के कारण लड़कियां स्कूल तक नहीं जा पाती हैं। इस स्थिति से गुजरते हुए एक दिन उनके यहां पैड मशीन लगाई जाती है, जिसके बाद महिलाओं को पैड के बारे में पता चलता है। महिलाएं इस बारे में जागरुकता फैलाने के साथ ही खुद भी पैड बनाने का भी फैसला करती हैं। गांव के रूढ़िवादी लोग इस पर आपत्ति उठाते हैं और अड़चनें पैदा करते हैं। हालांकि, महिलाएं पीछे नहीं हटतीं और डटकर इसका सामना करती हैं। उनके इस पैड प्रॉजेक्ट को विदेश से भी सहायता मिलती है। वह अपने सैनिटरी नैपकिन को ‘FLY’ नाम देती हैं जिसका मतलब होता है उड़ना। इस नाम को देने के पीछे की वजह लड़कियों की मासिक धर्म से होने वाली परेशानियों से आजादी होती है।

 

 

अवार्ड जीतने के बाद ऐसे जताई खुशी
अवॉर्ड जीतने के बाद गुनीत मोंगा ने भी ट्वीट कर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, ‘हम जीत गए। इस धरती पर मौजूद हर लड़की यह जान ले कि वह देवी है।।। हमने @Sikhya को पहचान दिलाई है।’…Next

 

 

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