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आज के 1945 में हुई थी यूनेस्को की स्थापना, जानें इसका इतिहास और रोचक बातें

Posted On: 16 Nov, 2018 Others में

Pratima Jaiswal

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हम सभी जानते हैं कि हथियारों से कभी शांति नहीं आ सकती बल्कि इससे नतीजे और भी भयावह हो जाते हैं. जैसे, हम खून से खून को साफ नहीं कर सकते. इसके लिए हमें पानी की ही जरूरत पड़ती है, उसी तरह युद्ध को रोकने के लिए आपसी बातचीत और समझ की जरूरत पड़ती है.
लेकिन कभी-कभी दो देशों या कई देशों के एक साथ युद्ध में शामिल होने से हालात बहुत बिगड़ जाते हैं, ऐसे में मध्यस्थता की जरूरत पड़ती है. इसी मध्यस्थता के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना की गई थी. इसके बाद वैश्विक स्तर पर शिक्षा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए की स्थापना की गई थी. यूनेस्को संयुक्त राष्ट्र संघ का एक हिस्सा है। इसकी स्थापना का मकसद दुनिया में शिक्षा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के साथ-साथ शांति स्थापित करना है।

 

 

 

क्या है इतिहास

साल 1942 की बात है। जंग में उलझी दुनिया दो हिस्से में बंटी थी। एक तरफ नाजी जर्मनी और उसके सहयोगी राष्ट्र तो दूसरी तरफ उनके मुकाबले यूरोप के अन्य देश। यानी एक तरफ धुरी राष्ट्र तो दूसरी ओर मित्र राष्ट्र। मित्र राष्ट्र के देशों के शिक्षा मंत्रियों की यूनाइटेड किंगडम यानी इंग्लैंड में मीटिंग होती है। मीटिंग का नाम कॉन्फ्रेंस ऑफ अलाइड मिनिस्टर्स ऑफ एजुकेशन (केम) था। युद्ध को तो अभी खत्म होने में काफी समय था लेकिन ये देश युद्ध की त्रासदी को समझ चुके थे। युद्ध के बाद वे किसी संगठन की स्थापना के बारे में सोचने लगे जो उनकी तबाह हो चुकी शिक्षा व्यवस्था में जान डाल दे और साथ ही दुनिया में अमन-चैन स्थापित करने में भी भूमिका निभाए।

 

 

इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए मीटिंग के दौरान एक ऐसे संगठन की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया जो शैक्षिक और सांस्कृतिक मैदान में काम करेगा। आइडिया वैश्विक स्तर पर सभी को अच्छा लगा तो इस योजना ने आंदोलन का रूप ले लिया और जल्द ही इसके प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में सोचा जाने लगा। संयुक्त राज्य अमेरिका समेत और कई सरकारों ने भी इस योजना को हकीकत का रूप देने में अपनी दिलचस्पी दिखाई। केम के प्रस्ताव पर 1945 में 1 से 16 नवंबर तक इस योजना को हकीकत का रूप देने के लिए यूनाइनेड नेशंस की एक कॉन्फ्रेंस बुलाई गई। कॉन्फ्रेंस का आयोजन लंदन में हुआ और 44 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वहां एक ऐसे संगठन की स्थापना का फैसला किया गया जो शांति का ब्रैंड ऐंबैसडर हो ताकि दुनिया में किसी अन्य विश्व युद्ध को रोका जा सके।

 

 

यूनेस्को की खास बातें
यूनेस्को के तत्वाधान में कुल 40 अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाए जाते हैं। इनमें कुछ प्रमुख नाम 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस, 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस और 18 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिवस शामिल हैं।
हर दो साल में इसकी एक सामान्य सभा होती है जिसमें यूनेस्को के सभी सदस्य देश और पर्यवेक्षक देश शामिल होते हैं। किसी भी विषय पर वोटिंग के लिए सभी देशों के पास कम से कम एक वोट होता है।
यूनेस्को दुनिया भर के अल-अलग देशों के धरोहरों को विश्व धरोहर में शामिल करता है। भारत की कुल 35 साइटों को विश्व धरोहर स्थलों में शामिल किया है।
यूनेस्को का पहला विश्व धरोहर स्थल इक्वाडोर का Galapagos Island है।
यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची को देखें तो सबसे ज्यादा 47 स्थलों के साथ इटली इसमें टॉप पर है…Next

 

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