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"हमारे पूर्वज"

Posted On: 14 Jul, 2014 Others में

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pkdubey

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इस शीर्षक से एक हिन्दी में पुस्तक भी थी हमारे 8 वी के पाठ्यक्रम में.और 7 वी में एक ऐसी ही पुस्तक थी-भारत की महान विभूतियां. इन दोनों पुस्तकों में अनेक महापुरुषों की संक्षिप्त जीवनी हुआ करती थी.
पूर्वज का शाब्दिक अर्थ -जो पहले पैदा हुआ हो.दो जुडवा संतानो में भी एक बड़ा ,एक छोटा होता है.धीरे -धीरे यह शब्द केवल बुजुर्गों के लिए प्रयोग होने लगा |
जैसे प्रभु राम की चरण पादुकाओं ने अयोध्यावासियों के प्राणो की रक्षा की एवं राजा दशरथ की मृत्यु के बाद किसी भी जीव की मृत्यु ,अवध क्षेत्र में,प्रभु के वनवास काल में नहीं हुयी.वैसे ही हमारे पूर्वज ,आगामी संकटो से हमारी रक्षा करते हैं | वह भले ही घर से बाहर ,मौन बने बैठे रहते हों,पर उनके सामने किसी अनजान व्यक्ति की तुम्हारे दरवाज़े की ओर आने की हिम्मत नहीं पड़ेगी | मेरे बाबा जी कहते,बिना किसी प्रयोजन के कभी किसी दूसरे के दरवाज़े पर मत जाओ | हमेशा अपने घर द्वार पर रहो | इससे तुम्हारा सम्मान ,तुम्हारे घर की सुरक्षा और दूसरा कोई तुम पर आरोप -प्रत्यारोप नहीं कर पायेगा | नहीं तो ,जिसके घर पर बैठे रहे,वही कल को कहने लगे,इन्होने हमारी चोरी कर ली, वगैरह -वगैरह |
अपने जीवन की एक घटना सुनायी,उन्होंने एक बार | गांव में पहले एक छोटा घर था,बाद में बाबा जी ने दूसरा घर खरीदा | पुराने घर में भूसा भर देते थे | शाम को भूसा लाने के लिए एक गली घूम कर जाना पड़ता था | रास्ते में एक घर में २ बेटियां थी,उनके यहाँ एक पड़ोसी, लड़कियों से छिपकर मिलता था | बहनो के भाइयों को यह उचित नहीं लगा,भाइयों ने सोचा,आज इसको पकड़ कर मारेंगे,उन्होंने छिपकर पकड़ने की योजना बनाई | वह इंसान पकड़ा गया | पर उसने कहा,तुम लोग मुझ पर झूठा आरोप लगा रहे हो;क्या सबूत है तुम्हारे पास | लड़कियों के भाइयों ने कहा-अभी लज्जाराम इधर से भूसा लेकर निकले,उन्होंने देखा | अब सब मेरे(बाबा) पास आ गए | मुझसे पूछा -तुम इधर से भूसा लेकर निकले,तब यह वहां खड़े थे | मैंने कहा -भाई निकला तो था,पर सर पर भूसे की गठरी होने की बजाय मैंने देख ही नहीं पाया,किधर कौन खड़ा |मामला शांत हो गया -सब लौट गए | दो दिन बाद ,मैं उस इंसान से मिला और कहा -कक्का, मैंने उस दिन तुम्हारे ऊपर जूते पड़ने से बचा दिए | वह बोला -हाँ यार लल्ला,साख में तो तुम हमारे बच्चे लगते हो,पर मैं तुम्हारे पैर पकड़ रहा हूँ ,आज से यह गलती जीवन में कभी नहीं करूंगा |
अतः समाज को सुधारने का भी एक अच्छा तरीका हो सकता है | ऐसे पूर्वज ही हमें जीना सिखाते हैं |

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