blogid : 321 postid : 1390934

ये 11 नेता सबसे कम समय के लिए रहे हैं मुख्‍यमंत्री, देवेंद्र फडणवीस समेत तीन नेता जो सिर्फ 3 दिन सीएम रहे

Posted On: 27 Nov, 2019 Politics में

Rizwan Noor Khan

Political Blogराजनीतिक नेताओं के व्यक्तित्व-कृतीत्व सहित उनकी उपलब्धियों को दर्शाता ब्लॉग

Politics Blog

962 Posts

457 Comments

महाराष्‍ट्र में मुख्‍यमंत्री बनने को लेकर तीन दिन तक चले घटनाक्रम का मुख्‍यमंत्री और उप मुख्‍यमंत्री के इस्‍तीफों के साथ पटाक्षेप हो चुका है। यहां भाजपा के देवेंद्र फडणवीस मात्र तीन दिन तक सीएम पद पर रह सके हैं। विधानसभा में फ्लोर टेस्‍ट में बहुमत साबित करने से पहले ही फडणवीस ने इस्‍तीफा दे दिया है। उनके इस्‍तीफे के बाद से सबसे कम समय तक मुख्‍यमंत्री पद पर रहने वाले नेताओं की चर्चा होने लगी है।

 

 

 

 

देवेंद्र फडणवीस का 3 दिन में इस्‍तीफा
देवेंद्र फडणवीस इस्‍तीफा देते ही देश के तीसरे ऐसे नेता बन गए हैं जिनका मुख्‍यमंत्री कार्यकाल मात्र तीन दिन तक ही रहा है। राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक दल के नेता अजित पवार को उप मुख्‍यमंत्री पद देकर भाजपा ने अपने साथ मिला लिया था। बाद में एनसीपी लीडर शरद पवार, शिवसेना के उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के अशोक चव्‍हाण के सरकार बनाने के दावे के आगे देवेंद्र फडणवीस की नहीं चली। अजित पवार ने उपमुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा देकर वापस एनसीपी के साथ चले गए। इसके बाद भाजपा नेता और महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री बने देवेंद्र फडणवीस के पास बहुमत नहीं रहा। कोर्ट से फ्लोर टेस्‍ट का आदेश जारी होने के बाद उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया।

 

 

3 मुख्‍यमंत्री 3 दिन चला पाए सरकार
देवेंद्र फडणवीस की तरह सिर्फ तीन दिन मुख्‍यमंत्री रहने वाले नेताओं कर्नाटक के बीएस येदुयुरप्‍पा और मेघालय के एससी मराक का नाम शामिल है। 2018 में कर्नाटक के सियासी घटनाक्रम की धुरी रहे भाजपा नेता और प्रदेश अध्‍यक्ष बीएस येदुयुरप्‍पा की सरकार सिर्फ तीन दिन में ही गिर गई। इसी तरह 1998 में मेघालय में कांग्रेस के दिग्‍गज नेता और तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री सालसेंग सी मराक की सरकार मात्र 3 दिन में गिर गई थी।

 

 

Image result for indian politics jagran.com

 

 

24 घंटे का सीएम यूपी ने दिया
पालिटिकल लीडर जगदंबिका पाल को भारत का सबसे कम समय तक मुख्‍यमंत्री रहने वाले नेता का अनोखा दर्जा हासिल है। 1998 में उत्‍तर प्रदेश के रोमेश भंडारी ने भाजपा शासित कल्‍याण सिंह की सरकार को बर्खास्‍त कर दिया। इसके बाद कांग्रेस नेता रहे जगदंबिका पाल को मुख्‍यमंत्री बना दिया गया। सुप्रीमकोर्ट ने दल बदल कर जगदंबिका का समर्थन करने वाले 12 विधायकों को अयोग्‍य करार दिया और कंपोजिट फ्लोर टेस्‍ट कराने का आदेश दिया। फ्लोर टेस्‍ट कल्‍याण सिंह को बहुमत हासिल हुआ और वह दोबारा मुख्‍यमंत्री बने। इस तरह जगदंबिका पाल भारत के ऐसे पहले मुख्‍यमंत्री बन गए जो सिर्फ 24 घंटे की पद पर रहा।

 

 

 

लिस्‍ट में ये नेता भी शामिल
हरियाणा के दिग्‍गज नेता ओम प्रकाश चौटाला 1991 में मात्र चार दिन के लिए और 1990 में मात्र 5 दिन के लिए मुख्‍यमंत्री बने थे। इसके अलावा बिहार के दिग्‍गज नेता सतीश प्रसाद सिंह 1968 में मात्र 5 दिन के लिए मुख्‍यमंत्री बने। 2007 में कर्नाटक के बीएस येदियुरप्‍पा 8 दिन के लिए सीएम रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्‍यक्ष रहे शीबू सोरेन की सरकार मात्र 9 दिन में ही गिर गई थी। 1998 में तमिलनाडु के मुख्‍यमंत्री बने जानकी रामचंद्र मात्र 23 दिन तक पद पर रह पाए थे। 1968 में बिहार में बीपी मंडल सिर्फ 31 दिन सरकार चला सके थे। केरल के दिग्‍गज नेताओं में शुमार रहे सीएच मोहम्‍मद कोया 1979 में मात्र 45 दिन के लिए मुख्‍यमंत्री रह सके थे।

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग