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मेघालय की राजनीति में ये रिकॉर्ड बना चुके हैं कोनराड संगमा, ऐसे शुरू हुआ सियासी सफर

Posted On: 6 Mar, 2018 Politics में

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नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कोनराड संगमा ने मेघालय के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। यहां एनपीपी, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP), पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (PDF), बीजेपी और HSPDP (हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) के गठबंधन से सरकार बनी है। वहीं, मेघालय विधानसभा चुनाव में 21 सीटें जीतने के बावजूद कांग्रेस सत्‍ता से दूर हो गई। कोनराड संगमा के साथ जेम्स संगमा, एएल हेक समेत कुल 11 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। शपथग्रहण समारोह में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहे। 40 साल की उम्र में मेघालय की सत्‍ता के शीर्ष पर पहुंचने वाले कोनराड संगमा ने इससे पहले सूबे की राजनीति में एक खास रिकॉर्ड भी बनाया है। आइये आपको बताते हैं कि कोनराड ने सियासत में एंट्री कैसे ली, क्‍या रिकॉर्ड बनाया और उनका अब तक का सफर कैसा रहा है।


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पढ़ाई के बाद पिता के साथ राजनीति में एंट्री

27 जनवरी 1978 को जन्मे कोनराड संगमा ने फाइनेंस में एमबीए किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद 90 के दशक के अंतिम वर्षों में कोनराड संगमा ने पिता पीए संगमा के प्रचार प्रबंधक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की। उस समय पीए संगमा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में थे। राकांपा से विवाद के बाद अलग होकर पीए संगमा ने जुलाई 2012 में नेशनल पीपुल्स पार्टी का गठन किया था।


conrad sangama


सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री बनने का रिकॉर्ड

2008 के मेघालय विधानसभा चुनाव में राकांपा के टिकट पर कोनराड अपने भाई जेम्स संगमा के साथ पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद उन्‍होंने राज्य सरकार में पावर, टूरिज्‍म और आईटी जैसे महत्‍वपूर्ण विभागों में अहम पदों की जिम्‍मेदारी संभाली। 2008 में मेघालय में बनी सरकार में कोनराड ने सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री बनने का रिकॉर्ड भी बनाया। पहली बार वित्त मंत्री बनने के 10 दिन बाद ही उन्होंने बजट पेश किया था।


PA sangma conrad sangma


पिता की खाली हुई सीट से हासिल की बड़ी जीत

मेघालय विधानसभा में 2009-2013 तक कोनराड संगमा विपक्ष के नेता रहे। कोनराड के पिता पीए संगमा के निधन के बाद तुरा लोकसभा सीट खाली हुई। मई 2016 में इस सीट पर हुए उपचुनाव में कोनराड सांसद चुने गए। उपचुनाव में उन्‍होंने रिकॉर्ड 1.92 लाख वोटों से जीत हासिल की थी। वे सितंबर 2016 से ऊर्जा पर बनी संसद की स्थायी समिति के सदस्य हैं।


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ऐसा है कोनराड संगमा का परिवार

राजनेता, कारोबारी और समाजसेवी कोनराड संगमा के पिता पीए संगमा मेघालय के मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष रहे थे। उन्‍होंने 2012 में प्रणब मुखर्जी के खिलाफ राष्‍ट्रपति का चुनाव भी लड़ा था। कोनराड की बहन अगाथा संगमा पिछली कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार-2 में मंत्री थीं। अगाथा संगमा 15वीं लोकसभा में सांसद चुनी गई थीं। कोनराड के भाई जेम्स संगमा भी विधानसभा सदस्य हैं। पीए संगमा के निधन के बाद कोनराड नेशनल पीपुल्स पार्टी के मुखिया बने…Next


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