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Jarbom Gamlin - अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जार्बम गामलिन

Posted On: 25 Oct, 2011 Politics में

Political Blogराजनीतिक नेताओं के व्यक्तित्व-कृतीत्व सहित उनकी उपलब्धियों को दर्शाता ब्लॉग

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jarbom gamlinजार्बम गामलिन का जीवन परिचय

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और अरुणाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री जार्बम गामलिन का जन्म 16 अप्रैल, 1961 को अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी सिआंग जिले में हुआ था. जार्बम गामलिन की प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल, गोलपाड़ा (असम) में संपन्न हुई. वर्ष 1976-1977 तक वह स्कूल कैप्टन भी रहे. वर्ष 1982 में जार्बम गामलिन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित संस्थान सेंट स्टीफन कॉलेज से इतिहास विषय के साथ स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद उन्होंने वर्ष 1984 में दिल्ली विश्वविद्यालय के ही कैम्पस लॉ सेंटर से कानून में स्नातक की उपाधि ग्रहण की. पढ़ाई संपन्न कर वापस लौटने के बाद जार्बम गामलिन ने डिब्रूगढ़ जिले में वकील के तौर पर अपने कॅरियर की शुरुआत की. वर्ष 1992 से 2001 तक वह अरुणाचल प्रदेश बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. जार्बम गामलिन ने दो विवाह किए हैं. उनके परिवार में दो पत्नियां और तीन बच्चे हैं.


जार्बम गामलिन का व्यक्तित्व

पेशे से वकील जार्बम गामलिन एक अच्छे राजनेता भी हैं. अंतर्मुखी स्वभाव के जार्बम गामलिन का संबंध अरुणाचल प्रदेश की तानि जनजातीय समुदाय से है जो दोन्यि-पोलो (सूरज-चांद) नामक जीववादी धर्म का अनुसरण करती है.


जार्बम गामलिन का राजनैतिक जीवन

जार्बम गामलिन के राजनैतिक जीवन की शुरुआत अखिल अरुणाचल प्रदेश विद्यार्थी संघ के नेता के रूप में हुई. वर्ष 1981 से 1983 तक वह इस संघ के अध्यक्ष भी रहे. पश्चिमी अरुणाचल प्रदेश निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतने के बाद वह वर्ष 1999-2004 तक चौदहवीं लोकसभा के सदस्य रहे. गामलिन ने यह चुनाव अरुणाचल प्रदेश राजनीति के एक नामी चेहरे गिगोंग अपांग के बेटे ओमक अपांग को हराकर जीता था. वर्ष 2004 में वह चौथी अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में लिरोंबा निर्वाचन क्षेत्र से चयनित होने के बाद गिगोंग अपांग की सरकार के अंतर्गत गृहमंत्री बनाए गए. लेकिन अपांग से मनमुटाव होने के बाद उन्हें कैबिनेट से बाहर निकाल दिया गया. वर्ष 2009 में वह दोबारा अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में चुने गए. इस बार उन्हें दोरजी खांडू, जो वर्ष 2007 में मुख्यमंत्री बन गए थे, की सरकार में ऊर्जा मंत्रालय सौंपा गया. वर्ष 2011 में अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में हुए एक सैन्य विमान हादसे में दोरजी खांडू की मृत्यु के पश्चात जार्बम गामलिन को अरुणाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया.


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