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Tarun Gogoi - असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई

Posted On: 28 Oct, 2011 Politics में

Political Blogराजनीतिक नेताओं के व्यक्तित्व-कृतीत्व सहित उनकी उपलब्धियों को दर्शाता ब्लॉग

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tarun gogoiतरुण गोगोई का जीवन परिचय

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य और असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का जन्म 1 अप्रैल, 1936 को असम के जोरहट जिले के टी-एस्टेट में हुआ था. तरुण गोगोई जोरहट गवर्नमेंट ब्वॉयज स्कूल से अपनी आरंभिक शिक्षा पूरी की. उसके बाद जोरहट के जे.बी. कॉलेज से स्नातक और गोहाटी विश्वविद्यालय से एलएलबी की उपाधि ग्रहण की. तरुण गोगोई के परिवार में पत्नी डॉली गोगोई और दो बच्चे हैं.


तरुण गोगोई का व्यक्तित्व

तरुण गोगोई पेशे से वकील हैं. इसके अलावा वह एक परिपक्व और मंझे हुए नेता भी हैं. तरुण गोगोई गंभीर मुद्दों को बहुत संजीदगी से पूर्ण समर्पित होकर हल करते हैं.


तरुण गोगोई का राजनैतिक सफर

वर्ष 1971 में पांचवें लोकसभा चुनावों में जोरहट निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करने के साथ ही तरुण गोगोई के सक्रिय राजनैतिक जीवन की शुरुआत हुई. वर्ष 1976 में वह अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के संयुक्त सचिव बनाए गए. लगातार तीन बार तरुण गोगोई जोरहट निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य चयनित हुए. लेकिन चौथी बार, दसवीं लोकसभा चुनावों में उन्होंने कलियाबोर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता. 1991-1993 तक तरुण गोगोई ने स्वतंत्र प्रभारी के तौर पर केन्द्रीय खाद्यान्न मंत्रालय और 1993-1995 तक खाद्यान्न प्रसंस्करण मंत्री का पदभार संभाला. वर्ष 1996-1998 में गोगोई मारघेरिटा निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा सदस्य रहे. 1998 में बारहवीं लोकसभा चुनावों में कलियाबोर से जीत दर्ज की. इसके बाद 1999 में वह दोबारा इस क्षेत्र से जीत गए. वर्ष 2001 में उन्हें असम के मुख्यमंत्री का पद प्रदान किया गया. वर्ष 2006 में कांग्रेस की लगातार दूसरी जीत के साथ तरुण गोगोई को दोबारा मुख्यमंत्री बनाया गया. वर्ष 2011 में असम को 20 वर्षों बाद पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ था, फलस्वरूप तीसरी बार फिर तरुण गोगोई को ही मुख्यमंत्री चुना गया.


तरुण गोगोई की उपलब्धियां

  • विकासशील राजनीति को सफलता पूर्वक असम में प्रचलित करने का पूरा श्रेय तरुण गोगोई को ही जाता है.
  • तरुण गोगोई के प्रयासों की वजह से प्रदेश में कानून व्यवस्था दुरुस्त की जा सकी है, हालांकि अभी भी असम में उग्रवादी संगठन समय-समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहते हैं, लेकिन पहले की अपेक्षा यह घटनाएं बहुत कम हुई हैं.
  • उल्फा जैसे उग्रवादी संगठन के साथ शांति-वार्ता की पहल करना भी तरुण गोगोई की प्रमुख उपलब्धि है.

इन सबके अलावा तरुण गोगोई कई ऐसे सामाजिक संगठनों और शिक्षण संस्थानों से जुड़े रहे हैं जो प्रदेश के विकास और बच्चों की शिक्षा को अपना प्रमुख उद्देश्य मानते हैं.


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