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बसपा से समर्थन के बाद भी सपा की राह नहीं आसान, जानें कैसे बन रहे समीकरण

Posted On: 6 Mar, 2018 Politics में

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उत्‍तर प्रदेश में फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव इन दिनों सुर्खियों में हैं। चुनाव से पहले बसपा के सपा को समर्थन करने की हर ओर चर्चा हो रही है। सियासी पंडितों का मानना है कि बसपा के सपा को समर्थन करने के बाद इन दोनों सीटों पर राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बीएसपी के समर्थन का सीधा फायदा समाजवादी पार्टी को होगा। हालांकि, समाजवादी पार्टी के लिए मुश्किलें अभी बनी हुई हैं। फूलपुर सीट से एक ऐसा प्रत्‍याशी मैदान में है, जो सपा का खेल बिगाड़ सकता है। आइये आपको बताते हैं क्‍या है यहां के सियासी समीकरण।


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समाजवादी पार्टी का खेल बिगाड़ सकते हैं अतीक अहमद


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यूपी में लोकसभा उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी के समाजवादी पार्टी को समर्थन देने के एलान के बाद फूलपुर सीट पर सपा की स्थिति में सुधार माना जा रहा है। मगर बीएसपी के सांसद रहे अतीक अहमद समाजवादी पार्टी का खेल बिगाड़ सकते हैं। अतीक अहमद फूलपुर से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में हैं। वे मुस्लिम वोटों को बड़े स्‍तर पर अपने पाले में ला सकते हैं। इसका सीधा नुकसान सपा को होता दिखाई दे रहा है। मुस्लिम समुदाय में अतीक की अच्‍छी पकड़ मानी जाती है, जिससे वे बड़ी संख्‍या में इनके वोट पा सकते हैं। ।


गोरखपुर सीट पर भाजपा को टक्‍कर देना टेढ़ी खीर


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गोरखपुर लोकसभा सीट से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारी मतों से विजयी हुए थे। ऐसे में इस सीट पर बीजेपी को टक्कर देना सपा के लिए टेढ़ी खीर होगी। जानकारों का मानना है कि फूलपुर सीट पर बसपा-सपा गठबंधन को फायदा मिल सकता है, लेकिन यह फायदा गोरखपुर सीट पर भी मिले, यह कहना मुश्किल है। माना जा रहा है कि गोरखपुर सीट पर भाजपा के ब्राह्मण उम्मीदवार उपेंद्र शुक्ला ठाकुर और ब्राह्मण वोटों को एक साथ लाने में कामयाब हो सकते हैं। साथ ही योगी आदित्यनाथ की छवि का भी उन्हें फायदा मिलेगा।


11 मार्च को चुनाव और 14 को मतगणना


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बता दें कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के लिए 11 मार्च को वोटिंग होगी और 14 मार्च को मतगणना की जाएगी। गोरखपुर की सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और फूलपुर की सीट उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सांसद पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है, इसलिए दोनों ही सीटें भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। गोरखपुर से भाजपा ने उपेंद्र दत्त शुक्ला को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने निषाद पार्टी और पीस पार्टी के साथ गठबंधन करके निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे प्रवीण कुमार निषाद को उम्मीदवार बनाया है। गोरखपुर सीट से कांग्रेस ने डॉ. सुरहिता करीम को चुनावी मैदान में उतारा है। फूलपुर में भाजपा ने वाराणसी के पूर्व महापौर कौशलेंद्र सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया है, तो सपा ने नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता जेएन मिश्र के पुत्र मनीष मिश्र पर दांव लगाया है…Next


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