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लोट्टो के जूतों से पहचानी गई थी राजीव गांधी की डेडबॉडी, बम ब्लास्ट में मारे गए थे सबसे युवा प्रधानमंत्री

Posted On: 21 May, 2020 Politics में

Rizwan Noor Khan

Political Blogराजनीतिक नेताओं के व्यक्तित्व-कृतीत्व सहित उनकी उपलब्धियों को दर्शाता ब्लॉग

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देश में तकनीक और सूचना क्रांति जनक कहलाए राजीव गांधी को राजनीति विरासत में हासिल हुई थी। सौम्य स्वाभाव वाले राजीव गांधी को उनकी मां इंदिरा गांधी की ​हत्या के बाद प्रधानमंत्री बनाया गया था। आज ही के दिन 21 मई 1999 को राजीव गांधी की षड़यत्र के तहत बम ब्लास्ट में हत्या कर दी गई थी। राजीव के शव को उनके जूते के टुकड़े से पहचाना गया था।

 

 

 

 

 

सबसे युवा प्रधानमंत्री बने
देश के छठे प्रधानमंत्री राजीव गांधी सबसे युवा पीएम थे। 20 अगस्त 1944 को मुंबई में जन्मे राजीव गांधी सौम्य स्वाभाव के पढ़ाकू इंसान थे। उन्होंने लंदन से पढ़ाई करने के बाद भारत में कमर्शियल पायलट की डिग्री भी हासिल की। राजनीति से दूर रहने वाले राजीव गांधी को 1984 में मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्हें प्रधानमंत्री बनाया गया।

 

 

 

 

सूचना और संचार क्रांति के जनक कहलाए
राजीव गांधी ने अपने कार्यकाल में देश को विकास की नई दिशा दिखाई और तकनीक के क्षेत्र में विकसित किया। उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी और संचार क्रांति का जनक भी कहा जाता है। श्रीलंका सरकार के निवेदन पर राजीव गांधी ने लिट्टे उग्रवादियों को पटरी पर लाने का बीड़ा उठाया और जुट गए।

 

 

 

 

लि​ट्टे उग्रवादियों ने किया पहली बार हमला
लिट्टे प्रमुख वी प्रभाकरन ने राजीव गांधी को अपना दुश्मन समझा और उनके खिलाफ ही मुखर हो उठा। 1987 में श्रीलंका पहुंचे राजीव गांधी जब नौसैनिकों से गार्ड आफ आनर ले रहे थे तभी लिट्टे समर्थक एक नौसैनिक ने राजीव गांधी पर हमला कर दिया। यह पहली बार था जब खुलेआम किसी प्रधानमंत्री पर हमला किया गया हो।

 

 

 

 

 

हमले में बाल बाल बचे प्रधानमंत्री
लिट्टे समर्थक नौसैनिक ने गॉर्ड आफ आनर के दौरान जब राजीव गांधी नौसैनिकों के पास पहुंचे तो अचानक उसने अपनी बंदूक की बट मारकर हमला कर दिया। हालांकि, प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सुरक्षा में लगे जवान ने हमला विफल कर दिया और राजीव को बचा लिया। नौसैनिक को गिरफ्तार कर कोर्ट मार्शल किया गया।

 

 

 

 

 

21 मई का वो काला दिन
राजीव गांधी के खिलाफ खुलकर सामने आए लिट्टे ने उनकी हत्या के मंसूबे बनाने लगा। 21 मई 1991 को लिट्टे अपने खतरनाक मंसूबे में तब सफल हो गया जब तमिलनाडु के पेरंबदूर में आयोजित एक रैली में शामिल होने राजीव गांधी पहुंचे। यहां पर लिट्टे समर्थक महिला आत्मघाती ने राजीव गांधी का अभिवादन करते हुए माला पहनाई और खुद को बम से उड़ा दिया।

 

 

Pics from twitter.

 

 

लोट्टो के जूते और घड़ी से राजीव की हुई पहचान
इस घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। बम ब्लास्ट में भारत के छठे प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मौत हो गई और उनकी बॉडी कई टुकड़ों में बिखर गई। राजीव गांधी की पहचान उनके लोट्टो के जूते और घड़ी से की गई। 21 मई 1991 को देश के सबसे प्रगतिशील युवा प्रधानमंत्री की हत्या कर दी गई। यह घटना आज भी पूरी दुनिया को झकझोर देती है। राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर देश ही नहीं पूरी दुनिया से लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं।…NEXT

 

 

 

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