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Naveen Patnaik - उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक

Posted On: 23 Sep, 2011 Politics में

Political Blogराजनीतिक नेताओं के व्यक्तित्व-कृतीत्व सहित उनकी उपलब्धियों को दर्शाता ब्लॉग

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naveen patnaikनवीन पटनायक का जीवन परिचय

क्षेत्रीय राजनैतिक पार्टी, बीजू जनता दल के संस्थापक और उड़ीसा के वर्तमान मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का जन्म 16 अक्टूबर, 1946 को कटक, उड़ीसा में हुआ था. इनके पिता बीजू पटनायक, उड़ीसा के पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी भी थे. सात वर्ष की आयु में नवीन पटनायक ने वेल्हम बॉयस स्कूल, देहरादून में दाखिला लिया, लेकिन जल्द ही वह देहरादून के प्रतिष्ठित स्कूल दून स्कूल में पढ़ने चले गए. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कॉलेज सेंट स्टीफन कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. नवीन पटनायक अविवाहित हैं. इनके बड़े भाई प्रेम पटनायक दिल्ली के प्रतिष्ठित उद्योगपति और बहन गीता मेहता एक प्रसिद्ध लेखिका हैं.


नवीन पटनायक का व्यक्तित्व

नवीन पटनायक भारतीय संस्कृति और वातावरण संरक्षण के प्रति विशेष रुझान रखते हैं. वह एक आधुनिक विचारधारा वाले मुख्यमंत्री हैं.


नवीन पटनायक का राजनैतिक सफर

नवीन पटनायक पेशे से एक लेखक हैं. वह लंबे समय तक राजनीति से दूर रहे, लेकिन वर्ष 1997 में पिता की मृत्यु के पश्चात उन्होंने राजनीति में प्रदार्पण किया. ग्यारहवें लोकसभा चुनावों में उड़ीसा के अस्का निर्वाचन क्षेत्र से जीतने के बाद नवीन पटनायक को इस्पात और खानों से संबंधित मंत्रालय, वाणिज्य संबंधी स्थायी समिति और संसद की ग्रंथालय समिति का सदस्य निर्वाचित किया गया. एक वर्ष बाद जनता दल से मनमुटाव पैदा होने के बाद नवीन पटनायक ने भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से अपने पिता के नाम पर एक सशक्त राजनैतिक पार्टी, बीजू जनता दल की स्थापना की. इसके बाद अटल बिहारी वाजपयी के कार्यकाल में बीजू पटनायक को केन्द्रीय खान मंत्री बनाया गया. बीजेपी के समर्थन के साथ जब आगामी विधानसभा चुनावों में बीजू जनता दल को बहुमत प्राप्त हुआ, तब नवीन पटनायक केन्द्रीय पद से इस्तीफा देने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री बने. वर्ष 2004 में भी इस गठबंधन वाली सरकार को भारी मतों से जीत प्राप्त हुई, नवीन पटनायक दोबारा मुख्यमंत्री बनाए गए. वर्ष 2009 में एनडीए गठबंधन पर कई तरह के आरोप लगे, जिनके कारण नवीन पटनायक ने बीजेपी छोड़ वामपंथी दलों के साथ गठबंधन कर लिया. आगामी चुनावों में भी जीत दर्ज करने के बाद लगातार तीसरी बार नवीन पटनायक मुख्यमंत्री बने.


नवीन पटनायक से जुड़े विवाद

वर्ष 2004 में कंधमाल में हुई स्वामी लक्ष्मणा नंद की हत्या के पश्चात नवीन पटनायक और भारतीय जनता पार्टी में मतभेद गहराने लगे. इसके अलावा 2007-2008 में हुए ईसाई विरोधी दंगों, जिसमें अनेक लोगों की जान चली गई, में बजरंग दल की सक्रिय भूमिका होने के कारण बीजू जनता दल को भी कई आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. हालांकि इन आरोपों को देखते हुए नवीन पटनायक ने गठबंधन समाप्त कर दिया. नवीन पटनायक के ऊपर वेदांता भूमि घोटाला और खानों में हो रही अनियमितताओं के भी कई आरोप लगाए गए.


राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ नवीन पटनायक एक अच्छे लेखक भी हैं. उन्होंने ए सेकंड पैराडाइज: इंडियन कंट्री लाइफ 1590-1947, ए डेजर्ट किंगडम: द पीपल ऑफ बीकानेर, गार्डन ऑफ लाइफ: एन इंट्रोडक्शन टू द हीलिंग प्लांट्स ऑफ इंडिया, लिखी हैं. यह सभी भारत, अमरीका और इंग्लैंड में प्रकाशित हुई हैं.


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