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Vijaykant - विजयकांत का अभिनय से राजनीति तक का सफर

Posted On: 8 Nov, 2011 Politics में

Political Blogराजनीतिक नेताओं के व्यक्तित्व-कृतीत्व सहित उनकी उपलब्धियों को दर्शाता ब्लॉग

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vijaykantविजयकांत का जीवन परिचय

देसीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम जैसी केन्द्रीय-वाम विचारधारा वाले राजनैतिक दल के संस्थापक और दक्षिण भारतीय फिल्मों के मशहूर अभिनेता विजयकांत का जन्म 25 अगस्त, 1952 को मदुरई, तमिलनाडु में हुआ था. विजयकांत का वास्तविक नाम विजयराज है. इनके पिता अलगरस्वामी मदुरई के पार्षद थे. इस पद पर उन्होंने दो कार्यकाल पूरे किए थे. विजयराज ने मदुरई स्थित एम. सी. स्कूल, देवाकोट्टई डे ब्रिट्टो हाई स्कूल और सेंट मैरी स्कूल, विक्रमासिंहापुरम से शिक्षा प्राप्त की. वे मात्र आठवीं कक्षा तक ही पढ़ाई कर पाए. इनकी पत्नी का नाम प्रेमलता है. पत्नी के अलावा विजयकांत के परिवार में दो बेटे विजय प्रभाकर और शनमुगा पांडियान हैं.


विजय कांत का फिल्मी कॅरियर

इन्निकुम इलामई विजयकांत की पहली फिल्म है. इसके निर्देशक खजा ने ही विजयराज का नाम बदलकर विजयकांत रख दिया था. इस फिल्म के बाद विजयकांत ने दूरथथु इदि मुझक्कम, नीरोत्तम, अगल विलाक्कु जैसी सफल फिल्मों में भी अपने अभिनय से लोकप्रियता बटोरी. वर्ष 1991 में प्रदर्शित हुई फिल्म कैप्टन प्रभाकरण विजय कांत की 100वीं फिल्म थी. इस फिल्म के बाद विजयकांत के नाम के आगे कैप्टन शब्द जुड़ गया. विजयकांत के प्रशंसक उन्हें कैप्टन विजयकांत के नाम से ही पुकारने लगे. 1980 का दशक विजयकांत के कॅरियर के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहा. इस दौरान विजयकांत की कई सफल फिल्में पर्दे पर आईं जो सफल रहीं. 90 के काल में भी विजयकांत ने कई बड़ी फिल्मों में काम किया. उनके अभिनय को प्रशंसकों ने खूब सराहा. वर्ष 2000 में भी विजयकांत की फिल्में लोकप्रिय और सफल रहीं.


राजनीति के क्षेत्र में विजयकांत

2005 में मदुरई में विजयकांत ने अपनी राजनैतिक पार्टी देसीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम की स्थापना की आधिकारिक घोषणा की थी. इनकी पार्टी ने वर्ष 2006 में हुए विधानसभा चुनावों में सभी निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ा, जिनमें केवल विजयकांत को ही सफलता प्राप्त हुई. उन्होंने वर्ष 2011 के अप्रैल में हुए चुनावों में अखिल भारतीय द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के साथ गठबंधन सरकार का निर्माण कर 41 निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ा जिनमें 29 सीटों पर पार्टी को विजय मिली. राजनीति के इतिहास में पहली बार डीएमके जैसे प्रभावकारी दल से ज्यादा सीटें डीएमडीके को मिली थी. इस चुनाव में विजयकांत ऋषिवंधियम निर्वाचन क्षेत्र से विजयी हुए.


2011 में हुए चुनावों में फिल्म अभिनेता वदिवेलू ने डीएमके गठबंधन सरकार के पक्ष में चुनाव प्रचार किया. अपने प्रचार के दौरान उन्होंने विजयकांत के विरुद्ध कई विवादास्पद  टिप्पणियां की. वदिवेलू ने कहा कि वो किसी भी तरह विजयकांत और उनकी सहयोगी पार्टियों को हराना चाहते हैं. वदिवेलू के इस प्रचार की भी खूब आलोचनाएं हुई. उन पर यह आरोप लगा कि वह अपने निजी फायदे के लिए विजयकांत के खिलाफ भाषण दे रहे हैं. इनका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है. हालांकि इस विरोधी प्रचार का विजयकांत और सहयोगियों को कोई नुकसान नहीं हुआ. वह डीएमके को हराने में कामयाब रहे.


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