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चुनाव प्रचार के लिए बढ़ी सीएम योगी की डिमांड, जानें क्‍या है वजह

Posted On: 13 Feb, 2018 Politics में

Political Blogराजनीतिक नेताओं के व्यक्तित्व-कृतीत्व सहित उनकी उपलब्धियों को दर्शाता ब्लॉग

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पूर्वोत्तर में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं, क्‍योंकि यहां तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में इसी महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा, कांग्रेस समेत क्षेत्रीय पार्टियों ने भी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोक दी है। हर पार्टी एक विशेष रणनीति बनाकर चुनाव प्रचार में उतरी है। भाजपा की ओर से पीएम मोदी समेत पार्टी और केंद्र सरकार के कई दिग्‍गज चुनाव प्रचार कर चुके हैं या अभी प्रचार कर रहे हैं। भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान में सबसे ज्‍यादा जिस नेता की डिमांड बढ़ी है, वो हैं उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ। जिन भी राज्यों में चुनाव प्रस्तावित हैं, वहां योगी के प्रचार की मांग खूब हो रही है। आइये आपको बताते हैं क्‍या है इसकी वजह।


yogi tripura


भाजपा के स्‍टार प्रचारक की भूमिका में रहे

गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में योगी आदित्‍यनाथ भाजपा के स्टार प्रचारक की भूमिका में रहे। इसके अलावा हाल ही में केरल में ‘लाल आतंक’ के खिलाफ भी बीजेपी के लिए योगी मुख्य चेहरों में शामिल रहे। अब जब पार्टी का पूरा ध्‍यान पूर्वोत्‍तर और कर्नाटक के चुनाव पर है, तो एक बार फिर योगी बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं। इनमें भी विशेषकर त्रिपुरा और कर्नाटक के चुनाव में योगी की डिमांड खूब है।


त्रिपुरा में चुनाव प्रचार के लिए दो दिवसीय कार्यक्रम

त्रिपुरा में चुनाव प्रचार के लिए योगी आदित्यनाथ का दो दिवसीय कार्यक्रम है। इन दो दिनों में योगी राज्य में नाथ संप्रदाय के लोगों का झुकाव बीजेपी की तरफ करेंगे। दरअसल, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ खुद नाथ संप्रदाय से आते हैं। यही वजह है कि त्रिपुरा में उनको मुफीद माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा ने यहां उनकी जिम्मेदारी भी बढ़ा दी है। उन्हें सत्तारूढ़ मानिक सरकार के खिलाफ संभावनाओं को तलाशने की भी जिम्मेदारी दी गई है।


Yogi Tripura1


त्रिपुरा में नाथ संप्रदाय के अनुयायियों की संख्‍या अधिक

पूर्वोत्‍तर के बाद कर्नाटक में चुनाव होने हैं। वहां भी योगी आदित्‍यनाथ की डिमांड काफी बढ़ी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगरतला के गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी निखिल देवनाथ का कहना है कि त्रिपुरा में नाथ संप्रदाय के बहुत अनुयायी हैं। इनमें अधिकांश अनुयायी पिछड़ी जाति के हैं। राज्य में पिछड़ी जातियों के लिए कोटा नहीं है, इसलिए अनुयायी चाहते हैं कि उन्हें पिछड़ी जाति का कोटा दिया जाए। वहीं, राज्य में एससी-एसटी के लिए 48 फीसदी कोटा है। उनके पुजारी इस मुद्दे को संबधिंत लोगों के सामने रखेंगे।


हिंदुत्‍व का बड़ा चेहरा हैं योगी आदित्‍यनाथ

पिछली कर्नाटक यात्रा के दौरान योगी आदिचुंचुनागरी मठ में एक रात रुके थे। नाथ संप्रदाय के इस मठ के प्रमुख निर्मलानंद नाथ स्वामी हैं। योगी की इस यात्रा को महत्वपूर्ण जुड़ाव के तौर पर भी देखा गया था। ऐसे में बीजेपी नाथ संप्रदाय के योगी को आगे करके कर्नाटक में सत्ता पर काबिज होने की कोशिश में है। बता दें कि योगी आदित्यनाथ बीजेपी के पहले से भगवा स्टार प्रचारक हैं। वे हिंदुत्व का चेहरा हैं। ऐसे में हिंदू वोटरों को लुभाने के लिए योगी आदित्यनाथ बीजेपी के चुनावों में हमेशा ही मुफीद रहे हैं। अब योगी देश के सबसे बड़े राज्‍य के मुख्‍यमंत्री हैं, ऐसे में उनकी लोकप्रियता और बढ़ी है। गौरतलब है कि त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड के चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। पहले चरण में 18 फरवरी को त्रिपुरा में वोटिंग होगी। दूसरे चरण में 27 फरवरी को मेघालय और नागालैंड में वोट पड़ेंगे। 3 मार्च को तीनों राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के लिए काउंटिंग होगी और नतीजों की घोषणा की जाएगी…Next


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