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सदन है या अखाड़ा !!

Posted On: 16 Dec, 2012 Others में

कटाक्षराजनीति: एक हंगामा

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कभी-कभी कुछ ऐसी घटनाएं घटित होती हैं, जिनके बारे में सुन कर और उसे देख कर हंसी के साथ-साथ मन में व्यथा भी उत्पन्न होने लगती है. कुछ इस तरह से ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है जिसकी वजह से यह मजेदार तो होती है लेकिन एक सवालिया निशान भी खड़ा करती हैं. ऐसा सवाल जो अंदर तक उन मानदण्डों को झकझोर कर रख देता है जिन्हें कायम करने में व्यवस्था अपना सब कुछ लगा देती है.ऐसी ही एक घटना कुछ दिनों पहले पश्चिम बंगाल के विधानसभा में घटित हुई जो पूरी तरह से लोकतंत्र को शर्मशार करती है. यही कारण प्रमुख होते हैं जो एक लोकतंत्र को बदनाम और खोखला के साथ-साथ जनता के विश्वास से परे कर देते हैं. फिर कभी ही शायद यह विश्वास बन पाता है और लोकतंत्र में फिर से जान आ जाती है.

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क्या यहां यही होना चाहिए?: विधानसभा हो लोकसभा हो या फिर संसद, यह किसी भी लोकतंत्र के लिए वो पवित्र स्थान होते हैं जहां से एक विश्वास और विकास दोनों प्रकार के रास्ते निकलते हैं जो देश के प्रगतिशील होने में एक बहुत बड़ा कारक बनते हैं. कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल के विधान सभा में हुई झड़प में कई सांसदों के घायल होने की खबर आई थी. यह मुख्य रूप से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई झड़प का परिणाम था. सत्ता पक्ष जो एक बहुआयामी तरह से हावी और प्रभावी लग रही है वहीं सारा दोष विपक्ष को दिया जा रहा है. अब यहां सवाल यह उठता है कि क्या संसद में इस प्रकार के कृत्य होने चाहिए? आखिर क्यों संसद को अखाड़े का रूप दिया जा रहा है?


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लोकतंत्र की हानि: विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के विधानसभा में इतना आक्रोश फैल गया है कि विपक्ष और कांग्रेस के नेता सदन के अंदर हैलमेट पहनकर आ गए. अगर इतना आक्रोश सांसदों के अंदर हो तो आम जनता से निर्भिक रहने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है. भारत जो दुनियां का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है अगर उसकी ही बात करें तो क्या आज भी वो स्वस्थ लोकतंत्र बचा है जिसकी कल्पना में भारत आजादी के बाद अग्रसर हुआ था? शायद नहीं, क्योंकि भारत अब वो लोकतंत्र नहीं रह गया है जिसे दुनियां का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का तगमा दिया गया है. यहां की विकृत राजनीति ने उस लोकतंत्र की कब की हत्या कर दी है. जिस लोकतंत्र में जनता के अधिकारों और उसके मूल्यों पर राजनीति हावी हो वहां किसी भी तरह से लोकतंत्र जीवित रह ही नहीं सकता.



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Tags:Mamta Banerjee, West Bengal, Congress, TMC, ममता बनंर्जी, पश्चिम बंगाल, कांग्रेस, टी.एम.सी

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