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हाय ये तड़पन

Posted On: 12 Apr, 2013 Others में

मेरी कलम से !!कहते हैं जो गिरने से डरा नहीं करते, अक्सर वही आसमान को छु लिया करते हैं.........

Pradeep Kesarwani

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दिल में पहले कभी इतना जलन ना था।
किसी से पहले इतना अपनापन ना था।
जी उठे खामोश गलियां जिन पैरो की अहाटो से,
उन पायलो में पहले इनता छन-२ ना था।………..1
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तस्ब्वुर भी, जब जन्नत सी लगे।
पुकार-तड़पन भी, जब मन्नत सी लगे।
उस पल अखरती है उसकी जुदाई,
और उसको पाने का कोई जतन ना था।
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जुदाई का अब तो मज़ा आ रहा।
एक-२ पल दिल ज्यादा उसे चाह रहा।
हैं भरोसा अब इस खुदी से भी ज्यादा,
वो सचे वफ़ा हैं, कोई छलन ना था।
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वो आने को बेकल, दिल पाने को बेकल।
चरागे गुलशन जलाने को बेकल।
हम चुरा ही लेते उसको उसकी दुनिया से,
पर ये मेरे घर का चलन ना था।
.
उसके नाम के सिवा मेरी लिए कोई कथन ना था।

उसके चहरे के सिवा और कोई दर्पण ना था।

यू तो उसको उसकी खुदी से कब का चुरा लेते,

पर ये मेरी मोहब्बत का चलन ना था।

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