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अब तो पानी, सिर से ऊपर हो गया

Posted On: 14 Jul, 2011 Others में

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rachnarastogi

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महाराष्ट्र में और केंद्र में,और भारत की सभी सीमायें जो पाकिस्तान से जुडी हुई हैं,उनमे केवल गुजरात को छोड़कर सभी राज्यों में कांग्रेस एवं उनके सहयोगियों से बनी एक बहुमत प्राप्त पूर्ण सुरक्षित सरकार है/ एक बहुत पुराना अनुभवी व्यक्ति भारत की केन्द्रीय सरकार का गृहमंत्री भी है,भारत में विदेश से आई महिला यहाँ की सांसद ही नही बनी बल्कि राष्ट्रीय सलाहकार समिति (NAC) की अध्यक्ष के साथ साथ कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा भी है,खैर इससे कोई अर्थ नही निकलता क्योंकि भ्रमित जनता कभी कभी जातिवाद , धर्मवाद, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद आदि से उलझकर कुछ उम्मीदवारों को लोकप्रियता का प्रतिबिम्ब बनाकर लोकसभा या विधानसभा में भेज देती है,जिसका खामियाजा देश की सारी जनता भुगतती है / आज देश में विपक्ष कमजोर है इस कारण सत्तापक्ष अपनी मनमर्जी जनता पर थोप रहा है / जब पिछली बार २६/११ को मुम्बई में बम धमाके हुए तब भी केंद्र में कांग्रेस की ही सरकार थी और आज भी इसी पार्टी की सरकार है,क्या कारण है कि इन्ही की सरकार में बम धमाके ज्यादा होते हैं और क्यों आतंकी साफ़ बचकर निकल जाते हैं/ संसद पर , हमला हुआ था तब भाजपा का प्रधानमन्त्री था तो कुछ हमलावर मारे भी गये थे,परन्तु जब सत्ता हन्सतरानातरित हुई तब से इन हमलों का मास्टर माईंड भी आज तक भारत में ही रहकर मौज मस्ती कर रहा है और “कसाब” तो मुर्गे बिरयानी खा ही रहा है/ आखिर इन नेताओं को क्या केवल अपनी ही सुरक्षा की ज्यादा जिम्मेदारी या चिंता रहती है,अगर कोई व्यक्ति प्रधानमन्त्री या सोनिया गाँधी या मीडिया द्वारा घोषित युवराज के काफिले के बीच आ जाय तो उसको तुरंत गिरफ्तार करके पूछताछ शुरू कर दी जाती है, यहाँ तक कि इस पार्टी के प्रवक्ता जनार्दनदिवेदी को उसकी प्रेसवार्ता में मात्र चप्पल दिखाने वाले को पार्टी कार्यकर्ता मीडिया के सामने ही लात घूसों से पीटते हैं,और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग मौन रहता है ,गुजरात में कुछ हुआ तो मानवाधिकार को बहुत चिंता होती है परन्तु चार जून रात को सोते हुए भारतीय अपने ही देश की राजधानी में पिटे,तो कोई समिति नही बनती है/ अब १३ जुलाई को मुम्बई में बम धमाकों से लोग मरे हैं,तो सुरक्षा हाई अलर्ट घोषित हो गयी,आखिर कोई भी जागरूक मीडिया यह क्यों नही पूछता कि आखिर इन सुरक्षा एजेंसियों और गृह मंत्रियों का वेतन क्यों दिया जा रहा है, क्या ये लाल बत्ती की वातानुकूलित गाडी या वातानुकूलित भवनों में ही घूमने रहने के लिये चुने गये हैं ?इनका वेतन देशसेवा और देशवासियों की सुरक्षा हेतु दिया जाता है या देशवासी केवल इनकी ही सुरक्षा के लिये ही दुनिया भर के टैक्स अदा करते हैं / अब तो पानी सिर से ऊपर निकल चुका है पता नही कब विपक्ष दल और जनता चेतेगी?
रचना रस्तोगी ,

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