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इत्तेफ़ाक या फिर सूखन कोई

Posted On: 31 Jan, 2015 Others में

स्वयं शून्यUnspoken Words-The Way I Feel

राजीव उपाध्याय

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29 Comments

अक्सर दबे पाँव
वो भी चला आता है
घर मेरे
जिससे कभी
मुलाकात ही ना हुई।

आता समझा नहीं
इत्तेफ़ाक कहूँ इसे
या फिर सूखन कोई

© राजीव उपाध्याय

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