blogid : 3583 postid : 39

देश अन्ना के साथ लडाई को तैयार

Posted On: 12 Aug, 2011 Others में

सोचिये-विचारियेJust another weblog

Rajeev Varshney

72 Posts

65 Comments

देश में प्रभावी लोकपाल कानून के लिए लड़ रहे अन्ना हजारे की मुहिम को अमेठी के ९० फ़ीसदी और चांदनी चौक के ८४ फ़ीसदी लोगों ने समर्थन दे कर यह साबित कर दिया है कि अपने जनप्रतिनिधि के रूप में बेशक उन्होंने राहुल गाँधी और कपिल सिब्बल को चुना है किन्तु भ्रष्टाचार उन्हें स्वीकार नहीं है. महंगाई, आन्तरिक सुरक्षा, विदेश नीति और भ्रष्टाचार सहित लगभग सभी मोर्चों पर फेल रही यूपीए सरकार अब लोकपाल के मुद्दे पर भी अपनी किरकिरी कराने को तैयार है. सरकार ने पहले तो अन्ना हजारे की समिति से बातचीत करने का नाटक किया और फिर उनके द्वारा रखे गए लोकपाल मसौदे को पूरी तरह ख़ारिज करते हुए अपना लोकपाल ही संसद में रखने के लिए मंत्रिमंडल से पास करा लिया. बेहतर होता की सरकार अन्ना हजारे की समिति से बातचीत के लिए संयुक्त संसदीय समिति बनाती जिसमे सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के भी सांसद होते. किन्तु सरकार इस मामले में किसी की सुनने को ही राजी नहीं है. अब अन्ना हजारे ने एक सशक्त लोकपाल कानून के लिए अनशन करने का फैसला किया है. अन्ना को पहले भी देश भर से व्यापक समर्थन मिला था और अब दोबारा भी देश अन्ना के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ने को तैयार दिखाई देता है. स्पेक्ट्रम और कॉमनवेल्थ खेलों जैसे अत्यंत बड़े घोटालों से देश सकते में है. अब सरकार और अन्य राजनैतिक दलों को भ्रष्टाचार से तौबा करनी ही होगी अन्यथा देश के नागरिक भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए अन्ना हजारे का साथ देने को तैयार है.

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग