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प्रतिभा को कोसो मत: भारत माता की जय बोलो राजीव कुमार ओझा

Posted On: 4 Apr, 2016 Others में

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Rajiv Kumar Ojha

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    कुछ खरी कुछ खोटी ….. प्रतिभा को कोसो मत: भारत माता की जय बोलो राजीव कुमार ओझा

    साहेब माल विजयी जी के विदेश गमन ने ठलुओं की जिह्वा को कोसन मोड में ऐसा मोड़ा की वो चलती ही जा रही है। लोकतंत्र के चारो घोषित खम्भों से चिपटे -लिपटे खम्भों ,और अखम्भों को बैठे ठाले माल विजयी जी के विदेश गमन की नुक्ताचीनी का आनरेरी रोजगार मिल गया। इनका अरण्य रोदन मुझे तो माल विजयी प्रतिभा का सरासर अपमान करने जैसा लगता है।बेबाक ,बिन लाग लपेट कहूं तो मैं तो हैरान हूँ इस वैचारिक पतन पर की अब तक देश भक्ति टेस्टिंग किट से लैश चाय की केतली के प्रोपराईटर ,प्रोमोटर की केतलिया गरमाई काहे नहीं। उसने अब तक “देश का माल लिया … देश छोडा भाग लिया “जैसे आरोपों पर प्रतिबन्ध क्यों नहीं लगाया ? माल विजयी के विदेश गमन पर विधवा प्रलापी परदुखकामियों का देशभक्ति टेस्ट क्यों नहीं कराया ? साहेब परदुखकामियों का काम ही है खुद का ,अपने आस -पास के परिवेश का ,समाज का और अपुन के “भारत महान “का नुकसान करना।हो सके तो अपुन के “भारत महान ” के बड़के चौकीदार साहब तक हमरे मन की बात आप पहुँचाने की जुगत करो साहेब। हमका मालूम है की बड़के चौकीदार साहब के पास आकाश की वाणी में अपनी वाणी को फेंट कर इस देश की अवाम के कान में “मन की बात ” का ड्रॉप डालने ,ट्वीट करने , विदेशों में जाके उनको “पधारो हमरे देश हम लूटने की आजादी देंगे, हमरी सोन चिरैया का जो और जितना बचा है उसे नोचने खसोटने की आजादी देंगे ” ब्रांड गोली देने जैसे राष्ट्रीय कामों का भारी भरकम बोझ है। परन्तु हमरे मन की बात चाहे जईसे हो उनके कर्णकोटरों तक पहुंचाओ साहेब !
    बड़के चौकीदार साहब को बताओ साहेब की ईरानी मैम और उनकी मेधावी सखी शिल्पी की निगरानी में फ़ौरन से पेश्तर माल विजयी जी के विदेश गमन पर प्रलाप करने बालों का देशभक्ति टेस्ट कराएं । देशभक्ति टेस्ट के अहम काम को अंजाम देने के लिए चाहे अध्यादेश लाना पड़े,संविधान की ऐसी तैसी करनी पड़े . पर माल विजयी जी के विदेश गमन पर अरण्य रोदन को राष्ट्रद्रोह की श्रेणी का कुकृत्य घोषित करें । लगे हाँथ देश के बड़के चौकीदार (चौकीदार इन चीफ ) जिनकी देश भक्त पार्टी के सौजन्य से माल विजयी जी ने उच्च सदन को अपनी गरिमामयी उपस्थिति से सुशोभित करने की कृपा बरसाई जिनके विदेश गमन से उच्च सदन श्रीहीन नजर आ रहा उनको खोज के ससम्मान वापस ले आएं। सम्मान करें इस राष्ट्र रत्न प्रतिभा का। साहेब इतने गुणी प्राणी माल विजयी जी की खोपड़ी तो रिसरचनीय (शोधनीय ) है। देश हित में माल विजयी जी की खोपड़ी पर ,उनके डीएनए पर शोध होना चाहिए , उस जीन का पता लगाया जाना चाहिए जिसके सबब आल काइंड आफ मॉल को उनके इक इशारे पर उनकी तिजोरी में ,उनके हरम में ,उनके आगोश में ,उनकी गोद में ही सुकून हासिल होता है। उनके जीन में अलादीनी चिराग जैसे फीचर्स हैं उस जीन की खोज की जाये और उसकी क्लोनिंग की व्यवस्था की जाये जिसके चुम्बकीय गुण की चमत्कारिक ऊर्जा के कारण बैंकों में ,जीती जागती हुस्न परियों में होड़ लगी रही कतारबद्ध होकर हुक्म मेरे आका …… हुक्म मेरे आका …… की फरियाद करने की । जो नादान माल विजयी जी के विदेश गमन पर अरण्य रोदन कर रहे हैं उनको पता नहीं है की विदेश गमन के समय हवाई अड्डे पर माल विजयी जी ने भारत माता की जय बोली थी। जब बड़के चौकीदार और उनके लगुए -भगुए जो भारत माता की जय न बोले उन देश द्रोहियों के पीछे लट्ठ लिए दौड़ रहे हैं तो देश भक्त माल विजयी जी को महज नौ हजार करोड़ की रकम के लिए विदेश गमन से रोकने का क्या तुक? देशभक्त सरकार ,सरकार के सरदार ,बड़के बाले पहरेदार जिनकी तैनाती देशवासियों ने गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होने लायक उनके 56 इंची के सीने पर फ़िदा होके मुकम्मल 5 साल के लिए की है, जिनका ओढ़ना ,बिछौना ,सोना ,जागना सब कुछ देशभक्ति ही है उनको कहीं न कहीं से ये खबर रही होगी की सीबीआई के सिरफिरों ने कोई उलटी सीधी ,खुराफाती चिट्ठी माल विजयी जी के विदेश गमन में खलल पैदा करने के इरादे से लिख मारी है। 56 इंची सीनाधारी बड़के बाले देशभक्त पहरेदार ने देश भक्त माल विजयी जी की भवबाधा हरने को मजमून सुधरवाया ।माल विजयी जी के विदेश गमन के सुअवसर पर उनको गार्ड आफ आनर दिया गया या नहीं मुझे नहीं पता। मैं तो माल विजयी जी को अपने मुकम्मल फीचर्स के साथ आजादी देने की मांग करता हूँ। देश के बड़के चौकीदार से इस देश के मन की बात पहुँचाने की कोशिश करता हूँ की माल विजयी जी को खोजिए ,उनकी चरणवन्दना कीजिये की माल विजयी प्रभो अपनी जिस प्रतिभा का जौहर आपने इस भारत भूमि पर दिखाया इस देश के हित में वही जौहर अमेरिका ,ब्रिटेन चाहे जहाँ दिखाइए ।जैसे आप विदेश गमन पर गए वैसे ही आप विदेशी माल टाल के साथ वहां से स्वदेश गमन करो। क्योंकि इस देश को विदेशी कर्जे के बोझ से तुम्हारे जैसा गुनी ही उबार सकता है। प्रभो तुम्हारा जौहर ही कालाधन के मामले में हमारी लफ्फाजी ,हमारे जुमले की लाज रख सकता है। भैया मत दांत निपोरो ,मत माल विजयी जी को कोसो जोर से बोलो भारत माता की जय ! वन्देमातरम !!

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