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चैटिंग रूम वाली लड़कियों की मानसिकता और व्यवहार

Posted On: 27 Aug, 2010 Others में

RAJ KAMAL - कांतिलाल गोडबोले फ्राम किशनगंजसोचो ज़रा हट के

Rajkamal Sharma

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दोस्तों आप में से ज्यादातर लोग चैट रूम में अपने खाली समय में ज़रूर गए होंगे ……कुछेक चटर – पटर करने ….कुछेक अपना टाइम पास करने तो कुछेक नए -२ दोस्त बनाने के लिए ….  आज मैं आप सभी से अपने चैट रूम के अनुभव सांझे करना चाहता हू ….वहां पर जो कुछ भी मेरे साथ हुआ …अमूनन वोह सभी के ही साथ होता है ……

             क्योंकि वहां पर ज्यादातर भारत से विदेश में गई हुई लड़किया होती है … इसलिए उनका सोचने का और रिऐक्ट करने का तरीका यहाँ की आम  लड़कियों से कुछेक अलग तरह का होता है ….कई बार तो आपको ऐसा लगता है की क्या इनके सीने  में दिल नाम की कोई चीज  है भी  की नहीं ……क्या इनमे किसी किस्म की कोई भावना भी है की नहीं …..क्या यह पत्थर दिल है ……..जैसा की लडकियों का दिल नरम होता है वैसा  ही उनका भी होता है …लेकिन उनमे बेसिक फर्क यह है की उनपर  भावनाये हमेशा के लिए असर नहीं करती ….वोह क्षण भर के लिए या बहुत ही थोड़े समय के लिए भावनायो में बहती है ….बिलकुल एक तूफानी नदी की तरह ……जो की अपने साथ कुछ भी बहा कर  लेके  जा सकती है…….

                     वोह जल्दी -२ किसी का भी विश्वाश नहीं है करती ……लेकिन आप के पास उनके सामने खुद को साबित करने का पूरा -२ मौका होता है …….एक बार अगर उनपर आप की इमानदारी का सिक्का जम गया तो फिर उनका मेल आईडी  मिलते देर नहीं है लगती …और अगर आपकी कोई बात उस के दिल के किसी कार्नर को ज़रा सा भी छू गई तो आप उन भाग्यशाली लोगो में शामिल हो सकते है की जिनको की  उनका फोन नम्बर मिलता है …..लेकिन यहाँ पर एक बात का खास ध्यान रखना ज़रुरी है की आप की नीयत आगे भी साफ़ सुथरी होनी चाहिए ….वरना …..सम्बद्ध टूटते देर नहीं लगती …क्योंकि वोह एक ही समय में कई लडको से दोस्ती रखती है …….और उस के लिए आप के पास ढेर सारा पैसा और समय भी होना ज़रुरी है ….क्योंकि एक तो हमारे और उनके समय में काफी अंतर है ……तो आपको आधी -२ रात तक जग कर उनसे गुफ्तगू करनी पड़ेगी …..

                   वहां चैट रूम में लडको को  हर समय  लड़की का इंतज़ार  रहता है …उसी इंतज़ार के बीच  के समय में ही लड़के एक दूसरे से बातचीत करते है …..लेकिन सिर्फ किसी लड़की के आने तक ही … और लड़की के आने पर सब में एक दूसरे से आगे बढ़ – चढ़  कर  उस से बात करने की होड़ मच जाती है ….. चैट रूम में कई तो असल में ही अपने लड़की होने का पूरा -२ फायदा उठाती है …..एक ही समय पर कई -२ लडको से बातचीत करती है ……जिस की बाते ज्यादा मजेदार और दिलचस्प होंगी उनकी बातो का जवाब दिया जाएगा …और उनसे ही गुफ्तगू की जायेगी …….नहीं तो आपको बिजी होने का बहाना लगा कर टरका  दिया जाएगा ….. और आप सोचते ही रह जायेगे की मुझ से क्या गलती हुई और कहाँ पर ……. अगर आज आप से उस ने बात करली है तो यह कतई ज़रुरी नहीं है की कल भी वोह आप से इतनी ही दिलचस्पी से बात करे ……अगले दिन फिर से यह सब स्क्रिप्ट लिखी जायेगी उसी अंदाज़ में …… बस नायिका के हीरो बदलते रहेंगे ……

               तो वहां  पर सब से ज्यादा टाइम वेस्ट होता है पुराने साथियो को ढूंडने पर ….उनको पहचानने पर …..अगले दिन सब कुछ नए सिरे से शुरू करना पड़ता है ….और उससे भी बढकर ज़ुल्म तब …जबकि लडकिया बड़ी ही ढीठता से कहती है की हम तो यहाँ पर सुनने को आई है …कुछ कहना हो तो कहो नहीं तो जाओ ……आप को भी सवाल पूछना है पूछो …अगर कहना है तो कहो ..यह  तो  सिर्फ आप ही की गरज है …..और वोह बेचारे उनकी शर्तों पर बात करने को राज़ी हो जाते है ……की शुक्र है किसी ने मुझ से बात तो की ……..अक्सर आप को ऐसे अनेक दीवाने मजनू मिल जायेंगे जो की ठंडी आहे भरते हुए लडकियों का इंतज़ार करते रहते है की उस ने मेरे से एक बार बात की थी …दुबारा तो वोह ज़रूर ही आएगी …अगर जवानी में नहीं तो बुढापे में तो ज़रूर आएगी ही अपने बेटो से दुखी होकर …..उफ़ ..वोह बेचारे वक्त और किस्मत के मारे …..

                            

                     यह भी कोई ज़रुरी नहीं है की वोह कल जिस नाम से मिली थी …आगे भी वोह उसी नाम से मिलेगी …. इस मामले में सभी लड़कियों की सोच और फितरत एक जैसी ही होती है …….मेरे हिसाब से तो वोह अपनी क्लास की सभी  लड़कियों के + अपनी सभी सहेलियों + अपने किसी प्रिय चरित्र तक के नामो का इस्तेमाल कर लेती है ……….लेकिन अंत तक भी आप उस का असली नाम नहीं जान पाएंगे ……..सभी लड़किया सुरक्षा के नज़रिए से यह सावधानिया  बरतती है…जो की आज कल के माहौल और हालात के हिसाब से हर हद तक उचित ही कहा जायेगा ……लेकिन इस सबके बावजूद भी कुछेक बेचारी लड़किया साइबर धोखे का शिकार हो ही जाती है ……

                              कई लड़किया तो वहां पर सिर्फ कुछ देर के लिए ही आती है …..उनको अपने पर विश्वाश कुछ ज्यादा ही होता है …..उनका ढंग ही कुछ निराला होता है ……वोह आप से आपका मेल आईडी ले लेगी …..फिर सब को कांटेक्ट करके अपने तराजू में तोलेगी + जांचेगी और परखेगी …..जो -२ उचित लगेगा उस से ही बात आगे बदाएंगी ……और एक बार सही दोस्त चुन कर फिर कभी भी वहां पर नहीं जायेंगी ……..

                   तो दोस्तों यह तो मैंने वहां पर जाकर जो कुछ देखा + सहा + समझा और महसूस किया ….वोह सब आप के सामने रख दिया …हो सकता है की आप के साथ कुछ अलग किस्म के वाकये हुए हो ……खैर सबकी अपनी – २ अलग तरह की किस्मत होती है ……जिस से भी हमारे पुराने ज़न्मो के सम्न्ब्ध होते है …उस से ही हमारा मिलना होता है ……यह अलग बात है की वोह कितनी देर तक के लिए मिलता है ……सबका अपना -२ नसीब …..

                     अरे भाई आप अभी तक यही पर है …..यहाँ पर क्या कर रहे हो …जाइए किसी चैट रूम में अपनी -२ किस्मत को आजमायिए …….                    शुभकामनाओ सहित …             

                                                                            राजकमल                                  

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