blogid : 1662 postid : 1270

“कमेन्ट के कोड का पोस्टमार्टम”

Posted On: 7 Jul, 2011 Others में

RAJ KAMAL - कांतिलाल गोडबोले फ्राम किशनगंजसोचो ज़रा हट के

Rajkamal Sharma

203 Posts

5655 Comments

प्रिय ब्लागर साथियो
सबसे पहले तो मैं इस लेख के द्वारा जागरण का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ की आपके प्रयासों से हमे अवान्छित तत्वों से छुटकारा तो मिल गया है ,लेकिन इस प्रयास में हमारे लिए कमेन्ट करने की जो नई सुरक्षित व्यवस्था की गई है उसके कारण हम सभी को बहुत सी दिक्कते भी आ रही है …..
बहुत से साथी चाहते हुए भी अपना कमेन्ट नहीं दे पाते , क्योंकि जब कई बार प्रयास करने के बाद भी उनको सफलता नहीं मिलती तो वोह हताशा तथा खीझ में लाग आफ करके चैन की नींद सोने चले जाते है …. लेकिन मैं उनको कहना चाहता हूँ की अगर चैन से सोना है तो जाग जाओ और हर हालत में कमेन्ट करो ….. वर्ना लेखकों की रूहे +हसरते तथा आशाये तुमको परेशान करेंगी ….
मुझको कमेन्ट करने में शुरू -२ में यह दिक्कत आई की कोड वाला बाक्स (कैप्चा ) ही गायब रहता था ….. इसलिए मैंने “नया राजकमल” के नाम से सिर्फ कमेन्ट करने के लिए एक नया खाता बना लिया था …..लेकिन जब जागरण के तकनीकी विभाग ने चैक करने के बाद बताया की मैं कमेन्ट कर सकता हूँ तो मैंने अपना जुगाड़ीआ दिमाग लगाया ….. फिर उसका हल मुझको यह मिला की एक बार खुले हुए पेज को फिर से दुबारा से खोलने पर कैप्चा जी महाराज दर्शन देने लग गए ….. और मेरे हठयोग के सामने हथियार डालते हुए करीब एक हफ्ते के बाद खुदबखुद ही पहली बार ही नज़र भी आने लग गए …..
अब मुझको कोई भी खास दिक्कत नहीं है लेकिन कुछेक साथीओ की दिक्कत को ध्यान में रखते हुए मैं यह लेख आप सभी की सुविधा के लिए पेश करने जा रहा हूँ ….. आप सभी से यह अनुरोध है की कमेन्ट करते वक्त निम्नलिखित बातो को ध्यान में रखे :-
*अगर आपको कोड साफ़ साफ़ दिखाई नहीं दे रहा है तो आप उसके सामने वाले खाने में जो तीन बटन है उनमे से सबसे पहले वाले पर क्लिक करेंगे तो आपके पास नया चैलेन्ज (कोड ) आ जायेगा …..*कैप्चा बाक्स में कोड हमेशा ही दो अलग शब्दों से मिल कर बना होता है इसलिए उनके बीच में स्पेस जरूर दे …..
*अक्सर ही किसी एक अक्षर के साथ उसी तरह का ही दूसरा अक्षर मिला रहता है , जिसके कारण उसको पढ़ने में आपको दिक्कत आ सकती है …..
अगर C के साथ C मिला हुआ है तो आप उसको पति –पत्नी की तरह 1+1= 3 ( C +C =E) समझने की भूल कतई मत करे
बल्कि उसकी बजाय इसको प्रेमी –प्रेमिका की तरह दो जिस्म और एक जान (1+1= 1) यानि की C+C= C ही समझे ……
*कई बार किसी अक्षर के अंत में कोमा या फुलस्टाप + कोई और सिम्बल दिखाई दे सकता है –आप अगर उसको इग्नोर कर देते है तब भी कोई बड़ी बात नहीं होगी ….
*शब्द में अगर कोई -२ अक्षर कैपिटल लैटर में है तो उसको उसी रूप में ही लिखे …..
*अक्सर ही दो शब्दों में से एक ऐसा होता है जोकि हमने पहले पढ़ा या देखा होता है , जिसका की कोई मतलब निकलता है ….. जैसे की capital + symbol ….. अगर इनमे से symbol में आपको “S” की जगह केवल एक मोटी रेखा ही नजर आती है तो बिना झिझक उसको “S” ही समझे……
*कई बार किसी -२ शब्द का आपको अंदाजा ही लगाना होगा ….जैसे की Q का आपको सिर्फ उपरी हिस्सा ही दिखाई देगा उसकी बुढापे वाली बिना लाठी के …..
*इसी प्रकार Y + G + J को किसी सुहागन की तरह से उनके अन्त में लगी बिन्दी से पहचाने …..
*शायद कभी -२ आपकी अच्छी किस्मत से दो शब्दों में से एक के शब्द उल्टा करके लिखा हो सकता है – यानि की शीर्षासन करते हुए ….. आपसे गुजारिश है की उनको इस हालत में देख कर आप भी शीर्षासन करने की बजाय दर्पण का इस्तेमाल करे …..
*अगर दो शब्दों में से एक में शब्दों की बजाय अंक लिखे है तो उनको अंको में ही लिखे , अगर उनको किसी लाइन से काटा गया है तो तनिक भी घबराए बगैर उसकी परवाह मत करे, इसी में आपकी भलाई है …..

*कुछेक साथियो की यह भी शिकायत प्राप्त हुई है की जिस प्रकार पहले वाली कोड प्रणाली में कोड मन्जूर ना होने पर कमेन्ट की सामग्री कम से कम वापिस तो आ जाती थी , उसकी बजाय इस नई प्रणाली में कमेन्ट की विषय वस्तु कमेन्ट के नामंजूर होने की सूरत में ऐसे गायब हो जाती है जैसे की गधे के सिर पर से सींग ….. 

 

                                इसके लिए आप अपना कमेन्ट लिखने के बाद –उसको पोस्ट करने से पहले अपने माउस में ही सेव करके रख ले ….. फिर अगर आपको दुबारा प्रयास करना पड़े तो आप अपने माउस (चूहे ) से सेव किया हुआ कमेन्ट पेस्ट करके अपना कीमती समय बचा सकते है ……
मैं आशा करता हूँ की मेरे द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल करके आपकी अगर कोई कमेन्ट करने + लिखने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत है तो वोह दूर हो जायेगी …..
इसी के साथ -२ मैं जागरण को भी सुझाव देना चाहूँगा की शब्दों + अक्षरों का रंग काले से बदल कर अगर हरा कर सके तो हम सभी को बहुत ही सुविधा होगी ….. क्योंकि हम सभी सावन के अन्धे है इसलिए किसी और रंग की बजाय हमको हरा कुछ ज्यादा ही माफिक रहेगा ….
आप सभी का शुभचिन्तक
राजकमल शर्मा

“कमेन्ट के कोड का पोस्टमार्टम”

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 3.75 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग