blogid : 15855 postid : 1151464

महाशक्ति.....

Posted On: 7 Apr, 2016 Others में

swarnvihaanकविताये // आमजन स्त्री विमर्श की !!! कहानियाँ //मार्मिक प्र वंचनाओं की !!! विचार // दमित आक्रोश असंगतियो के !!! , लेख // पुनर्जागरण के !!!

ranjanagupta

132 Posts

1382 Comments

हे महा शक्ति
हे कल्याणी…
ज्योतिर्मय अमृत
कलश छलको…
जीवन में रस बरसो बरसो…
मैं दीप सुमन
परिमल विहीन….
कुमकुम अक्षत
नैवेद्य हीन…
मैं शक्ति हीन
मैं तेज हीन..
सुषमा विहीन
सौरभ विहीन…..
मैं हृत सर्वस्वा.. अकिंचना ..
इन चरणों में
अब शरणों में..
हे क्षमा शिवा
ममता करुणा…
अभिशाप पाप
हर लो ..हर लो…
स्वीकार आज…. कर लो कर लो
भावों में श्रद्धा
सी बिखरो..
निखरो मन में
उज्ज्वलता सी…
स्वप्नों में छाया
सी लहरो…
चेतनता में
चंचलता सी…
शुचिता सी
साँसों में बहती ..
उषा सी प्राणों
के तम में…
हे सरस्वती
वरदान मयी…
वाणी अमृत
सरसो सरसो..
हे महादेवि हरषो हरषो..
अर्चना वन्दना
ऋचा मन्त्र ..
सब अंग साधना
अश्रु बनी …
अभिलाषाएँ..आकाक्षायें
आशीष नही
अनुताप बनी…
सर्वस्व समर्पित
अभिनंदन
आलोक प्रभा
धारा उर में….
हे शक्ति मयी..
अनु राग मयी..
सौभाग्य राग
भर दो भर दो….
सम्पूर्ण आज कर दो कर दो….

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग