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योगी के अस्पताल में गुजरे वो चंद दिन....

Posted On: 27 Mar, 2017 Others में

मेरी बातदिल से दुनियॉ तक.......

ravichandra

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बात सितंबर 2015 की है….डेंगु होने की वजह से मैं गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थित गोरखनाथ अस्पताल में करीब 12 दिनों तक एडमिट रहा। इन बारह दिनों में मैने बहुत कुछ देखा। चुकी अस्पताल मंदिर परिसर में है, तो वहां भक्तिमय माहौल मिलना लाजमी है। रोज सुबह भोर में मंदिर से आती मध्यम भजन की आवाज़ सुनकर मन तरोताज़ा हो रहा था।

खैर मुद्दे पर आते हैं, बात योगी आदित्यनाथ जी महाराज की करते हैं। उन्हें लेकर तमाम तरह की बाते अखबारों से लेकर टीवी तक में दिखाई देती हैं। उनकी छवी एक कट्टर हिन्दुवादी नेता के रूप में है।लेकिन उन 12 दिनों में हमने जिस योगी को देखा, वो अखबारों और टीवी के योगी से बिल्कुल अलग था। उनके घर यानी कि गोरखनाथ मंदिर परिसर में बिताए उन 12 दिनों में हमने किसी भी तरह का कोई कट्टरपंथी नहीं देखा।

अस्पताल में मेरे बेड के बगल में हमउम्र मुसलमान लड़का एडमिट था। उसे दिमागी बुखार था शायद..उसकी मां भी थीं साथ में, मेरे साथ तो बड़े भाई, मां और छोटा भाई भी था। उसकी मां औऱ हमारी मां  हम दोनों खयाल रख रही थी। खाना भी साथ में होता था।

अस्पताल गोरखनाथ मंदिर या फिर योगी का है, ऐसा भी कह सकते हैं, मीडिया द्वारा बताए जाने वाले कट्टर हिन्दू नेता। लेकिन ड्रिप बदलने या फिर इंजेक्शन लगाने आने वाली कोई भी नर्स मुझमें या फिर उस मुसलमान लड़क में कोई अंतर नहीं करती थी। अस्पताल में दवाइयों पर 10 प्रतिशत छूट मिलती है।इस छूट में भी उसके साथ कोई भेद भाव नहीं होता था। ऐसा हम दावे के साथ इलिए कह रहे हैं क्योंकि कई बार उसकी दवाई लेने मेरा भाई गया था औऱ हमने उसकी रसीद भी देखी थी।

अस्पताल में खाना भी मिलता है मात्र 10 रुपये में और बिल्कुल शुद्ध और पर्याप्त मात्रा में। कई बार मेरा खाना भी वहां से आता था, मरीजों के लिए बढ़िया भोजन था। इस भोजनालय में भी किसी प्रकार का कोई भेद भाव नहीं था।

मंदिर परिसर में अस्पताल के दक्षिण की तरफ आपको खिलौने मिठाईयों आदि की दुकाने भी मिलेंगी उसमें कुछ मुसलमानों की भी दुकाने हैं। यहां भी आपको कोई भेद भाव नजर नहीं आएगा। और ना ही कट्टर कहे जाने वाले योगी या फिर उनके समर्थक उन दुकानदारों के साथ कोई दुर्व्यवहार करते हैं। उन्हें भी वहीं सम्मान मिलता है, जो अन्य लोगों को।

खैर ज्यादा क्या कहें कभी वक्त मिले तो हो आइये गोरखनाथ…आप खुद ही समझ जाएंगे…जिस योगी की बारे में लोग बाते करते हैं, उस योगी और जो वहां योगी दिखेगा में कितना अंतर है…

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