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सख्ती जरूरी, तभी रुकेगा साइबर क्राइम

Posted On: 6 Sep, 2016 Others में

जरा हट केJust another weblog

ravikant

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साइबर क्राइम में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। जिस तेजी से इजाफा हुआ, उस तुलना में सरकारी महकमे गंभीर नहीं हैं। तभी तो, प्रतिदिन कहीं न कहीं साइबर क्राइम की सूचना मिल रही है। किसी का पासवर्ड हैक करने की बात सामने आ रही तो किसी के नाम पर फर्जी आइडी बना दिया जा रहा है। जो लोग इसके शिकार हो रहे हैं, वे व्‍यथित हैं, क्‍योंकि थाने में रपट लिखाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। एसएसपी के पास मामला पहुंच रहा है, लेकिन वे भी ‘मौन’ हैं। यदि साइबर क्राइम रोकने के प्रति सरकार गंभीर नहीं होगी तो आनेवाले दिनों में कई बड़े संकट का सामना करना पड़ सकता है। कई बड़े शहरों में इनदिनों एक ट्रेंड चल पड़ा है कि बिना पूछे किसी को वाट्सएप से जोड़ दिया फिर लगे अश्‍लील मैसेज भेजने। इसमें से कई ऐसे लोगों का पता चला है, जो मानसिक रूप से बीमार हैं। उन्‍हें पता नहीं कि वे कितना बड़ा अपराध कर रहे हैं। वाट्सएप ग्रुप में बिना सहमति किसी को नहीं जोड़ा जा सकता है। मोबाइल कंपनियां तीन-तीन माह के लिए लुभावने ऑफर देती है, इसी का फायदा ये मानसिक रोगी उठाते हैं। गलत आइडी से सिम लेते हैं और फिर जाने-पहचाने अंजान लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। साइबर क्राइम करनेवालों का एक ऐसा ग्रुप भी देश में फल-फूल रहा है, जो प्रतिदिन भोले-भाले लोगों को झांसा देकर लाखों रुपये गटक जाते हैं। ये किसी के मोबाइल पर फोन करते हैं और बैंक अधिकारी के रूप में परिचय देते हुए बैंक का डिटेल मांगते हैं। जिस किसी ने भांप लिया कि बैंक क्‍यों मांगेगा, वे तो बच जाते और जिन्‍होंने बता दिया उनके बैंक एकाउंट से रुपये गायब। कई बार ये फोन करके ये भी कहते हैं कि आपके फोन नंबर को लॉट्री लगी है। इनाम की राशि के लिए बैंक डिटेल्स दें, साथ ही दस हजार रुपये नकद चाहिए। यूं तो साइबर क्राइम के लिए विशेष सेल बनाने का दावा किया जाता है कि लेकिन यह कितना कारगर है, यह किसी से छिपा नहीं है। विपरीत मानसिकता के कई आइटी इंजीनियर साइबर क्राइम में शातिरों की मदद कर रहे हैं। सो, हर व्‍यक्‍ति को चेतने की जरूरत है। सोचने की जरूरत है कि कोई यूं ही इनाम क्‍यों देगा? मेल का, फेसबुक का पासवर्ड समय-समय पर बदलने की जरूरत है। साइबर अपराधी से निपटने के लिए पुलिस के पास आधुनिक उपकरणों की कमी है, इसे बढ़ाने की जरूरत है। सरकारी स्‍तर पर ऐसे नंबर जारी होने चाहिए, जिसपर लोग आसानी से अपनी बात रख सकें। साइबर से जुड़े अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। तभी साइबर क्राइम पर अंकुश लगेगा।

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