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चैत्र नवरात्र में कलश स्थापना का ये है शुभ मुहूर्त, इस साल बन रहा खास संयोग

Posted On: 15 Mar, 2018 Others में

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साल में दो बार नवरात्रि आती हैं। साल की शुरुआत में आने वाले वाले नवरात्र को चैत्र नवरात्र कहा जाता है। इन नौ दिनों तक माता के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना होती है। वर्ष 2018 में चैत्र नवरात्रि 18 मार्च से शुरू हो रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि से ही नए साल की शुरुआत हो जाती है।

 

 

चैत्र नवरात्र घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

ज्‍योतिष के जानकार बताते हैं कि घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 18 तारीख को सुबह 06:31 मिनट से सुबह 07:46 मिनट तक रहेगा इसकी कुल अवधि एक घंटे 15 मिनट की है। चैत्र नवरात्र‍ि में 24 मार्च को अष्टमी रहेगी, जो पूरे 9 दिन का व्रत रखेंगे उनका पारण 26 मार्च को है।

 

मंगलकारी है इस बार का नवरात्र

रविवार को शुरू होने के कारण इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत में सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। नवरात्रि के साथ ही नववर्ष का प्रारंभ हो रहा है। कन्या लग्न में नवरात्र और नववर्ष का प्रारंभ होना कई संयोग बना रहा है। ये संयोग इस बार नवरात्रि व्रत को और भी मंगलकारी बना रहा है।

 

नारियल रखते हुए ध्‍यान में रखें ये बातें

ध्यान रहे कि नारियल का मुख उस सिरे पर हो, जिस तरफ से वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि नारियल का मुख नीचे की तरफ रखने से शत्रु में वृद्धि होती है। नारियल का मुख ऊपर की तरफ रखने से रोग बढ़ते हैं, जबकि पूर्व की तरफ नारियल का मुख रखने से धन का विनाश होता है। इसलिए नारियल की स्थापना सदैव इस प्रकार करनी चाहिए कि उसका मुख साधक की तरफ रहे।

 

व्रत के दौरान न करें ये गलतियां

नवरात्रि का व्रत रखने वालों को न ही अपने बाल कटवाने चाहिए और शेविंग भी नहीं करवानी नहीं चाहिए। वैसे इस दौरान बच्चों का मुंडन करवाना शुभ होता है। यदि आप इस दौरान कलश की स्थापना करते हैं और अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इस समय घर को खाली छोड़कर कहीं भी न जाएं।

 

 

दोपहर के वक्त सोना नहीं होता शुभ

नॉन वेज, प्याज, लहसुन आदि की मनाही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि के पूरे नौ दिन तक नींबू काटना अशुभ होता है। विष्णु पुराण के अनुसार मां दुर्गा के इन नौ दिनों में दोपहर के समय सोना नहीं चाहिए, इससे व्रत रखने का उचित फल नहीं मिलता।Next

 

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