blogid : 19157 postid : 1388761

कुंडली दोष मिटाने के लिए आज बना है विशेष योग, भगवान कार्तिकेय की पूजा से दूर होंगे रोग

Posted On: 2 Dec, 2019 Hindi News में

Rizwan Noor Khan

religious blogJust another Jagranjunction Blogs weblog

religious

791 Posts

132 Comments

शास्‍त्रों के अनुसार भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से कुंडली में आए दोष मिट जाते हैं। कुंडली दोष मिटाने के लिए 2 दिसंबर को षष्‍ठी तिथि होने के चलते विशेष योग बन रहे हैं। इस योग में भगवान कार्तिकेय की आराधना और व्रत पालन करने से दोष और रोग मिट जाते हैं।

 

 

Image result for Bhagwan Kartikeya jagran.com

 

 

कैलाश का त्‍याग और दक्षिण में ज्‍योर्तिलिंग की स्‍थापना
पौराणिक मान्‍यताओं के मुताबिक भगवान कार्तिकेय अपने पिता भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती से नाराज होकर कैलाश छोड़कर चल दिए। उनके कैलाश त्‍यागने की सूचना पाकर उनके भाई भगवान गणेश कार्तिकेय को मनाने के लिए पहुंचे, लेकिन क्रोधित कार्तिकेय नहीं माने और दक्षिण की ओर चल दिए। कार्तिक माह की षष्‍ठी तिथि को उन्‍होंने मल्लिकार्जुन पर्वत पर ज्‍योर्तिलिंग की स्‍थापना की और तप करने लगे।

 

 

Image result for Bhagwan Kartikeya jagran.com

 

 

ताड़कासुर का वध किया देवताओं के सेनापति बने
देवताओं के लिए मुसीबत बन चुके असुरों के अधिपति ताड़कासुर ने देवलोक पर चढ़ाई कर दी। ताड़कासुर को भगवान ब्रह्मा से वरदान मिला था कि वह शिवपुत्र के अलावा किसी और के हाथों नहीं मर सकेगा। इस वरदान के बाद ताड़कासुर बौखला गया और देवताओं को स्‍वर्ग छोड़ने के लिए विवश कर दिया। देवासुर संग्राम में देवताओं के हारने की बात जानकर मल्लिकार्जुन पर्वत पर तप कर रहे कार्तिकेय ने ताड़कासुर को चुनौती दी और उसका वध कर दिया। इस दिन कार्तिक माह की षष्‍ठी तिथि भी और इसी दिन कार्तिकेय को देवताओं की सेना का सेनापति नियुक्‍त किया गया।

 

 

 

 

आज दूर होगा कुंडली दोष और बीमारियां
हिंदू मान्‍यताओं के अनुसार भगवान कार्तिकेय को कार्तिक माह की षष्‍ठी तिथि बेहद प्रिय है। इस दिन वह संसार में मौजूद हर तरह के आतंक, दुख और दरिद्रता का नाश कर देते हैं। कार्तिकेय को षष्‍ठी तिथि और मंगल ग्रह का स्‍वामी बताया गया है। कार्तिक माह की षष्‍ठी तिथि का योग आज ही यानी 2 दिसंबर को है। इस दिन कार्तिकेय की मूर्ति को गंगा जल से स्‍नान कराने के बाद दक्षिण दिशा में स्‍थापित कर चंपा के फूल अर्पित करने चाहिए। उनकी आरती करने के बाद व्रत रखना चाहिए। ऐसा करने वाले जातकों का रोग, दुख और दरिद्रता दूर हो जाती है। जिन जातकों की कुंडली में कर्क राशि का दोष है वह भी मिट जाता है।…Next

 

 

Read More:

महाभारत युद्ध में इस राजा ने किया था खाने का प्रबंध, सैनिकों के साथ बिना शस्‍त्र लड़ा युद्ध

श्रीकृष्‍ण की मौत के बाद उनकी 16000 रानियों का क्‍या हुआ, जानिए किसने किया कृष्‍ण का अंतिम संस्‍कार

काशी के कोतवाल काल भैरव के सामने यमराज की भी नहीं चलती, कांपते हैं असुर और देवता

अल्‍प मृत्‍यु से बचने के लिए बहन से लगवाएं तिलक, यमराज से जुड़ी है ये खास परंपरा और 4 नियम

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग