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वृंदावन के इस वन में श्रीकृष्ण-राधा आज भी करते हैं रासलीला, देखने वाले हो जाते हैं पागल या अंधे

Posted On: 7 Apr, 2017 Others में

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दुनिया में कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका जवाब विज्ञान के पास भी नहीं है. अध्यात्म की दुनिया में ऐसे कई रहस्य हैं जो किसी भी वैज्ञानिक परिभाषा से परे है. ऐसा ही रहस्य है वृंदावन में स्थित निधि वन का. कहा जाता है इस अलौकिक वन में आधी रात को भगवान कृष्ण, राधा और गोपियां रास-लीला रचाते हैं. इस प्रेम लीला को जो भी मनुष्य देखता है वो अपने नेत्रों की ज्योति खो बैठता है या पागल हो जाता है.


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तुलसी के पेड़ बनते है गोपियां

निधिवन में तुलसी के पेड़ हैं. यहां तुलसी का हर् पौधा जोड़े में है. मान्यता है कि जब श्रीकृष्ण और राधा रासलीला करते हैं तो ये तुलसी के पौधे गोपियां बन जाती हैं और प्रात: होने पर तुलसी के पौधे में परिवर्तित हो जाते हैं. यहां लगे वृक्षों की शाखाएं ऊपर की ओर नहीं बल्कि नीचे की ओर बढ़ती हैं. ये पेड़ ऐसे फैले हैं कि रास्ता बनाने के लिए इन पेड़ों को डंडे के सहारे रोका गया है.

krishna gopi


वन के आसपास बने मकानों में नहीं हैं खिड़कियां

वन के समीप बने घरों में उस तरफ खिड़कियां नहीं बनाते. स्थानीय लोगों का मानना है कि शाम के बाद कोई इस वन की तरफ नहीं देखता. जिन लोगों ने देखने का प्रयास किया वे अंधे हो गए या फिर पागल हो गए.


nidhivan

शाम सात बजे मंदिर की आरती का घंटा बजते ही लोग खिड़कियां बंद कर लेते हैं. कुछ लोगों ने वन की तरफ बनी खिड़कियों को ईंटों से बंद करवा दिया है. जिससे कोई चाहकर भी इस वन की तरफ नहीं देख सके. वृंदावन में ऐसे कई बुर्जुग हैं जो इस वन से जुड़ी कई रहस्यमय कहानियां बताते हैंNext

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