blogid : 19157 postid : 1388184

महाभारत में कर्ण और अर्जुन के बीच इन 3 वजहों से शुरू हुई थी शत्रुता, दोनों श्रीकृष्ण के प्रिय योद्धा थे

Posted On: 11 Jul, 2019 Spiritual में

Pratima Jaiswal

religious blogJust another Jagranjunction Blogs weblog

religious

776 Posts

132 Comments

महाभारत जिसमें कई पात्रों से जुड़ी हुई कहानियां है। महाभारत के अंत के साथ ही कलयुग का आरंभ हुआ था। महाभारत में कर्ण और अर्जुन की अपनी एक अलग कहानी है। बचपन से ही कर्ण खुद को अर्जुन से बेहतर और कुशल योद्धा मानते थे, वहीं अर्जुन को अपने कुल और कौशल पर गर्व था। ऐसे में भाई होते हुए भी दोनों एक-दूसरे के दुश्मन क्यों बन गए।

 

cover maha

 

कैसे शुरू हुई दुश्मनी

कर्ण को पालने वाले अध‌िरथ जब उन्हें धनुष की शिक्षा के लिए गुरू द्रोणाचार्य के पास ले गए तो कर्ण ने उनसे कहा कि वो अर्जुन से बेहतर धनुर्धर बनेगा और उनके प्रिय शिष्य को पराज‌ित करके ये साबित करेगा कि वो भले ही क्षत्र‌िय नहीं है लेकिन एक सूतपुत्र होकर भी क्षत्र‌िय अर्जुन से बेहतर है लेक‌िन द्रोणाचार्य ने कर्ण को श‌िक्षा देने से मना कर दिया। अर्जुन द्रोणाचार्य के सबसे प्र‌िय श‌िष्य थे और वह सबसे बेहतर धनुर्धर अर्जुन को ही मानते थे। कर्ण की यह महत्वाकांक्षा इनके बीच दुश्मनी की एक बड़ी वजह थी।

 

arjuna01

 

जब कर्ण का हुआ था अपमान

जब कौरव और पाण्डवों ने अपनी शिक्षा समाप्त कर ली,  उसके बाद उनकी क्षमता और योग्यता का प्रदर्शन चल रहा था उस दौरान वहां कर्ण का आगमन हुआ और उन्होंने एक बार फिर अर्जुन को चुनौती दी। कर्ण की चुनौती से पांडव क्रोध‌ित हो गए और सूतपुत्र कहकर कर्ण का अपमान किया और कर्ण को प्रतियोगिता में शाम‌िल होने से रोक द‌िया गया। दुर्योधन ने कर्ण को अंगराज बनाकर अपना म‌ित्र बना ल‌िया। कर्ण अपने अपमान से बेहद आहत था जिस वजह से वह अर्जुन से और नफरत करने लगा।

 

arjuna11

द्रौपदी से करना चाहता था विवाह

माना जाता है कि कर्ण भी द्रौपदी से व‌िवाह करना चाहता था लकिन वह विवाह में हिस्सा इसलिए नहीं ले पाया क्योंकि वो एक सूतपुत्र था। वहीं अर्जुन ने स्वयंवर में ना केवल भाग लिया बल्कि उसे जीत भी लिया और द्रौपदी उनकी पत्नी बन गई। कहा जाता है कि जब द्युत क्रीड़ा का खेल जब चल रहा था उस दौरान द्रौपदी को दांव पर लगाने के लिए कर्ण ने ही कहा था। द्रौपदी का अपमान कौरव पांडवों के बीच युद्ध कारण बना वहीं कर्ण और अर्जुन की शत्रुता को और भड़काने का भी काम किया।

 

karann

द्रोणाचार्य ने उड़ाया उपहास

अज्ञातवास समाप्त होने के समय जब व‌िराट का युद्ध हुआ था, उस समय अर्जुन ने अकेले ही पूरी कौरव सेना को परास्त कर द‌िया था। इस घटना के बाद द्रोणाचार्य ने कई बार कर्ण का उपहास क‌िया और यह साब‌ित करने का प्रयास क‌िया क‌ि अर्जुन कर्ण से श्रेष्ठ है।Next

Read More:

द्रौपदी के ठुकराए जाने के बाद ‘कर्ण’ ने क्यों की थी दो शादी

मृत्यु के बाद महाभारत के इन 4 योद्धाओं की थी सबसे कठिन अंतिम इच्छा

महाभारत के युद्ध में बचे थे केवल 18 योद्धा, जानिए इस अंक से जुड़े आश्चर्यजनक रहस्य

द्रौपदी के ठुकराए जाने के बाद ‘कर्ण’ ने क्यों की थी दो शादी
मृत्यु के बाद महाभारत के इन 4 योद्धाओं की थी सबसे कठिन अंतिम इच्छा
महाभारत के युद्ध में बचे थे केवल 18 योद्धा, जानिए इस अंक से जुड़े आश्चर्यजनक रहस्य

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग