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आतंकवादी हमले पर असहिष्णुता देखना जरुरी है

Posted On: 5 Jan, 2016 Others में

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Rinki Raut

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देश में असहिष्णुता का मुदा आग की तरह लगी और बिना बुझाए बुझ भी गईI ये काम बुद्धिगीवी लोगो का है की वो सोचते रहे की असहिष्णुता के नाम पर देश में क्यों इतना शोर मचाई हम आम जनता के पास बहुत काम है, जैसे दाल,पेट्रोल और नई सिनेमा पर चर्चा करना आदिI फिर भी अपने विचार रखने में क्या हर्ज है, कोई सुनानेवाला तो है नहीं फिर भी अपना दिल रखने के लिए आपको अपनी गैरजरूरी सोच से मिलवाती हूँI
मुझे लगता है की देश और हमारे चुने गए राजाओं(नेता) में बहुत सहनशीलता है, आप सोच रहे होगे मैने राजा क्यों कहा, ये मै नहीं वो कहते है वोट से पहले जनता सबकुछ हैI इसका मतलब वोट के बाद वो सबकुछ हो जाते हैI अगर हम ताजा घटना को देखे “पठानकोट में आतंकवादी हमला” तो मैं अपनी बात को अच्छी से रख सकती हूँ, देश के सात वीर मारे गए पर देश के किसी भी कोने में आतंकवाद विरोधी प्रदर्शन नहीं हुआ, नेता एक दुसरे को नसीहत देते फिर रहे है की किसी की शहादत पर कैसे बयान दिया जाता है, सरकार और मीडिया सीबीआई का काम कर रही सुबूत जुटाने की आतंकवादी पडोसी देश से थे, सरकार ने ऐसी सतर्कता कुछ दिन पहले देखाई होती तो अपनी नाकामी से बच जाती, मुझे तो सुनकर अजीब लगता है की पाकिस्तान को दिखाने के लिए सुबूत इकठा किए जा रहे हैI अब थोड़ी बात पाकिस्तान करते हैI पाकिस्तान की हालत ऐसे इन्सान की तरह है जिसने कभी अपनी सुरक्षा के लिए शेर का बच्चा पाला थाI जिसमे सोचे और समझे की अकलमंदी थी(शेर के बच्चे में) जैसे-जैसे शेर बड़ा होता गया उसे पता चल गया की मालिक तो वो है, पर मुश्किल ये थी की वो शेर जंगल में नहीं शहर में रहता था I उसे पूरा इल्म था अगर वो सबके सामने अपने आप को जाहिर करेगा तो लोग उसका शिकार कर लेगे, इसलिए उसने इन्सान के गर्दन को अपनी मुठी में कर ली और अपना काम करवाने लगा पाकिस्तान की गर्दन आतंकवादीयों के पास जप्त है, भारत कितना भी सबुत देदे पाकिस्तान से कुछ नहीं होनाI
भारत ने हमेश से सहनशील पडोसी रहने की कसम खाई है, और आतंकवादीयों ने मंत्री मिलाप के बाद बंदूक,तोप और भारतवासीयों के खून से जश्न मानाने की, पाकिस्तान इसमें कही नहीं आता क्यों वो सिर्फ काठ का पुतला भर है, असली ड़ोर किसी और के हाथ हैI
हमें खुश होना चहिए हम बहुत ही शांतिपूर्ण देश में रहते है I हमारे सैनिक मारे जाते है हम चुप रहते है, जब पेरिस में हमला हुआ था सारी दुनिया ने हमले के विरोध में पेरिस का साथ दिया है, अब भारत के जनता की बारी है के देश पर हुए हमले का विरोध करे, सोशल मीडिया पर लिखे और देश के सैनिको का होसला बढाएI

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