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जयललिता-सलमान ! मेरा देश महान !!

Posted On: 11 May, 2015 Others में

AGLI DUNIYA carajeevgupta.blogspot.incarajeevgupta.blogspot.in

RAJEEV GUPTA

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अभी हाल ही मे मुम्बई की एक अदालत ने फिल्म जगत के “स्टार-कलाकार” दबंग बलबान खान को उनके 13 साल पहले किये गये दुष्कर्म के लिये सज़ा सुनाने की हिम्मत की ! जैसे ही इस “महान कलाकार” के खिलाफ यह फैसला आया, इस अन्याय के खिलाफ ना सिर्फ पूरी फिल्मी दुनिया एकजुट होकर खड़ी हो गयी, मीडिया,वकील और न्यायपालिका को भी इससे काफी गहरा धक्का लगा और सभी ने अपने अपने तरीके से इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करके उन्हे जमानत दिलवाने मे देर नही लगने दी ! कमोबेश यही नज़ारा तब भी देखने को मिला था जब जयललिता जी को आय से अधिक संपत्ति मामले मे जेल भेजा गया था लेकिन अदालतों मे देर हैं अंधेर बिल्कुल भी नही-जयललिता जी को भी पूरी तरह निर्दोष करार देते हुये अदालत ने आज उन्हे बाइज़्ज़त बरी करते हुये काफी समय से चल रहे इस अन्याय का अंत कर दिया है ! तेजी से बदलते इस घटनाक्रम का हमारी सरकार और उसमे बैठे नेताओं ने भी संज्ञान लिया और बिना किसी देरी के “मुन्नाभाई एल एल बी” की अध्यक्षता मे तुरंत ही एक सात सदस्यीय जांच आयोग के गठन का एलान कर दिया-इस जांच आयोग ने भी सरकार, नेताओं और फिल्मी हस्तियों की भावनाओं का आदर करते हुये चीते जैसी फुर्ती के साथ इस जांच को महज़ एक घंटे के अंदर निपटा दिया और अपनी सिफारिशों का पुलिंदा सरकार को सौंप दिया है-इन्ही सिफारिशों मे से कुछेक सिफारिशे लीक हो गयी है और वे सभी पाठकों के मनोरंजन के लिये यहाँ प्रस्तुत की जा रही हैं :

1. जांच आयोग ने इस बात पर अपनी खुशी का इज़हार किया कि इस मामले मे इस अति विशिष्ट अपराधी कलाकार को एक सेकेण्ड के लिये भी जेल नही जाना पड़ा ! कानून के पंडितों और न्यायपालिका ने जो रणनीति इस मामले मे अपनायी, वही रणनीति लल्लू यादव, चौटाला, संजय दत्त,जयललिता,आसाराम, सुब्रत रॉय सहारा और तेजपाल जैसे मामलों मे क्यों नही अपनायी गयी, इस पर आयोग ने भारी चिंता जताते हुये इन सभी निर्दोष और अति विशिष्ट अपराधियों के प्रति अपनी सहानुभूति जताई और इस बात पर काफी खेद प्रकट किया कि इन सभी महान लोगों को वेवजह ही कुछ ना कुछ समय के लिये जेल मे चक्की पीसनी पड गयी और कुछ तो आज भी जेल मे चक्की लगातार पीस रहे हैं ! कानून के जिन पंडितों ने इस मामले मे अपनी अभूतपूर्व प्रतिभा का प्रदर्शन किया है,वह काबिले तारीफ है और उसके लिये “भारत रत्न” की तर्ज़ पर किसी पुरस्कार की व्यवस्था होनी चाहिये !

2.आयोग की एक सिफारिश यह भी है क़ि फिल्म,राजनीति और व्यापार जगत से जुड़े सभी अपराधियों को “अति विशिष्ट अपराधी” कहकर पुकारा जाये और यह लोग अगर गलती से किसी हत्या,डकैती,बलात्कार,भ्रष्टाचार या देशद्रोह के छुटपुट मामले मे दोषी पाये भी जाएं तो उसका संज्ञान नही लिया जाना चाहिये ! गलती से अगर कोई अज्ञानी पुलिस वाला ऐसे किसी मामले का संज्ञान लेते हुये ऐसे किसी अति विशिष्ट अपराधी के खिलाफ एफ आई आर लिखने का अपराध कर दे तो उसे उसके अपराध की ऐसी सज़ा दी जानी चाहिये जिससे बाकी के पुलिस वाले भी सबक ले सकें ! क्योंकि गलती से दर्ज़ की गयी एफ आई आर ही इन अति विशिष्ट अपराधियों के लिये परेशानी का सबब बन जाती हैं और बाद मे इन लोगों को जेल यात्रा से बचाने के लिये कानून के पंडितों को अपना दिन रात एक करना पड जाता है !

3.एक और अहम सिफारिश यह भी की गयी है कि इस तरह के सभी निर्दोष और अति विशिष्ट अपराधियों को बचाने के लिये सरकार को एक अलग से कानून बना देना चाहिये-अगर इन अति विशिष्ट अपराधियों की तरफ कोई आंख भी उठाये तो सरकार को फौरन उस अपराधी की सुरक्षा के लिये सीमा पर तैनात सैनिक और अर्ध सैनिक बालों को बुला लेना चाहिये ! पुलिस और कानून को ऐसे अति विशिष्ट अपराधियों को जेल भेजने की कोई भी कोशिश नही करनी चाहिये और अपना समय और ऊर्जा उन सभी मामलों पर लगाना चाहियें तो पहले से ही अदालतों मे कई दशकों से लंबित पड़े हुये हैं !

4.एक सिफारिश यह भी की गयी है कि केन्द्रीय मानव संशाधन विकास मंत्रालय को इस सारे घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुये महापुरुष दबंग खान और जयललिता जैसी कर्मठ राजनेताओं की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम मे अनिवार्य रूप से शामिल कर देना चाहिये ताकि लोग इन लोगोँ के जीवन से कुछ प्रेरणा लेकर अपने जीवन को धन्य बना सकें ! वकालत के पाठ्यक्रम मे भी जरूरी बदलाव किये जाने की सिफारिश की गयी है और 200-300 पन्नो वाली एक नयी किताब -“फटाफट जमानत पाने के अचूक नुस्खे” को इसमे शामिल करने का सुझाव दिया गया है !

अंत मे जांच आयोग ने इस बात की उम्मीद जताई है कि ऐसा अनोखा कानून संसद के इसी सत्र मे पास हो जायेगा क्योंकि सांसदों को दिये जाने वाले वेतन भत्तों के अलावा यह एक और ऐसा मामला है जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष लोकसभा और राज्यसभा मे सर्वसम्मति बनाने मे पूरी तरह कामयाब रहेंगे और पिछले एक साल से राज्यसभा मे देशहित के कानूनों मे अडंगा डालने का सिलसिला भी इस बिल के साथ खत्म हो सकेगा !

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