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कांच सा दिल

Posted On: 9 Jun, 2012 Others में

lets free ur mind birdsJust for Soul

roshni

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images (2)मोहब्बत है मगर अब जताना छोड़ दिया है,
सपनों के महलों को सजाना छोड़ दिया है….
वादे जो किये थे मुझसे वो सब भूल चुका है,
हमने भी अब याद दिलाना छोड़ दिया है…..
मेरी ख़ामोशी और मजबुरी को समझता नहीं है वो,
आंसुओं को भी सामने उसके बहाना छोड़ दिया है…..
मेरा दर्द मेरा है मेरी तन्हाई भी है मेरी,
दिल के दर्द को उसको बताना छोड़ दिया है….
जब प्यार ही दिखता नहीं उसकी आँखों में मुझे ,
तो आईना भी खुद को दिखाना छोड़ दिया है….
शायद वो कर रहा है छुप छुप के जफाये,
नज़रों से उसने नजरे मिलाना छोड़ दिया है….
रौशनी क्यों आँखों से लहू बहा रही है तू,
तेरा कांच सा दिल क्या किसी ने तोड़ दिया है …

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