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हर कोई सिखाता है

Posted On: 4 Feb, 2013 Others में

विचारों का संसारTHOUGHTS ARE PLAYING IMPORTENT ROLE IN LIFE

rpkasture

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जीवन में हमें हर कोई सिखाता है. पशु पक्षी भी हमें जीने की राह सीखाते है. गाय को भूंसा मत दो लेकिन प्यार करो खुश हो जाती है. कुते को केवल प्यार करो उसीमे खुश रहता है. शेर अपनी शिकार खुद करता है. कबूतर अपने बेटो का एक निश्चित समय तक ही साथ देते है.ये पशु पक्षी अपने नियम कायदे के अनुसार चलते है. इसीलिए इनका जग आज सुखी है. ये अपने बेटो ओर अपना ख्याल रखते है. जीवन में एक समय ऐसा आता है जब इन्हें जीने के लिये इनसे सीखना चाहिए. वास्तविकता यह है कि हम सब रिश्तेदारों की चिंता करते है. एक समय तक तो ठीक है इसके बाद इसे छोडना चाहिए. यदि नहीं छोड़ा तो दुखी होने को हमें तैयार रहना होता है. अद्भुत है ईश्वर की सर्वोत्तम कृति को ये पशु पक्षी सिखाते है. अनेक लोग जो सवेदनशील है इनसे सीखते है ओर जीवन के लिये उपयोग में लाते है. क्योकि इन पशु पक्षियों में स्वार्थ नहीं है. इसका उसका भेद नहीं करते. खुली पाठशाला है. जो सीखे वह सीखे जो नहीं सिखता उसका उन्हें कोई गम नहीं है. शायद इसीलिए वे सुखी है. उसने ऐसा क्यों कहा, मैंने ऐसा क्यों नहीं किया, वह क्यों नाराज हो गया इन्ही सवालो क उत्तर देने में ही जीवन चला जाता है. हर व्यकि क समय नियत है. इस समय में वाह जो करता है वह उसकेहर कोई सिखाता है ————- जीवन में हमें हर कोई सिखाता है. पशु पक्षी भी हमें जीने की राह सीखाते है. गाय को भूंसा मत दो लेकिन प्यार करो खुश हो जाती है. कुते को केवल प्यार करो उसीमे खुश रहता है. शेर अपनी शिकार खुद करता है. कबूतर अपने बेटो का एक निश्चित समय तक ही साथ देते है.ये पशु पक्षी अपने नियम कायदे के अनुसार चलते है. इसीलिए इनका जग आज सुखी है. ये अपने बेटो ओर अपना ख्याल रखते है. जीवन में एक समय ऐसा आता है जब इन्हें जीने के लिये इनसे सीखना चाहिए. वास्तविकता यह है कि हम सब रिश्तेदारों की चिंता करते है. एक समय तक तो ठीक है इसके बाद इसे छोडना चाहिए. यदि नहीं छोड़ा तो दुखी होने को हमें तैयार रहना होता है. अद्भुत है ईश्वर की सर्वोत्तम कृति को ये पशु पक्षी सिखाते है. अनेक लोग जो सवेदनशील है इनसे सीखते है ओर जीवन के लिये उपयोग में लाते है. क्योकि इन पशु पक्षियों में स्वार्थ नहीं है. इसका उसका भेद नहीं करते. खुली पाठशाला है. जो सीखे वह सीखे जो नहीं सिखता उसका उन्हें कोई गम नहीं है. शायद इसीलिए वे सुखी है. उसने ऐसा क्यों कहा, मैंने ऐसा क्यों नहीं किया, वह क्यों नाराज हो गया इन्ही सवालो क उत्तर देने में ही जीवन चला जाता है. हर व्यकि क समय नियत है. इस समय में वाह जो करता है वह उसके परिवार के लिये इतिहास बन जाता है. हमें वही करना चाहिए जो हमारे परिवार ओर हमारे लिये जरुरी है. सब इस सिद्धांत पर काम करते है तब कोई दुखी नहीं होगा. बहन का दुःख भाई नहीं देखेगा ओर भाई क दुःख बहन नहीं देखेगी. जिमेदारियो के विकेन्द्रीकरण का यह सिद्धांत है. हर व्यक्ति को हमेशा यही करना चाहिए. माँ की ममता की सीमा यदि लांघे तो मुझे लगता नहीं कोई पाप है. humaramadhyapradesh.com परिवार के लिये इतिहास बन जाता है. हमें वही करना चाहिए जो हमारे परिवार ओर हमारे लिये जरुरी है. सब इस सिद्धांत पर काम करते है तब कोई दुखी नहीं होगा. बहन का दुःख भाई नहीं देखेगा ओर भाई क दुःख बहन नहीं देखेगी. जिमेदारियो के विकेन्द्रीकरण का यह सिद्धांत है. हर व्यक्ति को हमेशा यही करना चाहिए. माँ की ममता की सीमा यदि लांघे तो मुझे लगता नहीं कोई पाप है. humaramadhyapradesh.com

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