blogid : 10410 postid : 813367

बिरोध हरामजादा शब्द का नहीं , मोदी का है ?

Posted On: 7 Dec, 2014 Others में

khullam khullaJust another weblog

rppandey

14 Posts

11 Comments

वैसे साध्वी ने ऐसा कुछ नहीं कहा है जिस पर इतना बवाल होता लेकिन माफ़ी मांगकर साध्वी ने बवाल खुद ब खुद बढ़ा दिया / जब अगला अपने को हरामजादा मान कर बवाल कर रहा है तो साध्वी को माफ़ी माँगने की बात समझ में नहीं आ रही है / इस सन्दर्भ में मई एक रोचक घटना का उल्लेख कर रहा हु , लोक सभा चुनाव के दौरान भाजपा की एक सभा हो रही थी जिसमे वक्ता महोदय बार बार लूली -लंगड़ी सरकार न बनाने की अपील कर रहे थे / उस सभा में दो-चार लंगड़े भी थे , जिन्हे लगा की ए हमें ही लंगड़ा कह रहे है / इन लोगो ने ऐसा बवाल काटा की नेता जी को माफ़ी मांगनी पडी / यद्यपि साध्वी को यह अंदाजा बिलकुल नहीं रहा होगा की इसका इतना खतरनाक अर्थ निकाला जा सकता है , वो तो सभाओ में जैसा अक्सर बोला जाता है बोल गई / क्योकि इसके पहले कांग्रेस मोदी को हत्यारा , मौत का सौदागर ,राक्षस जैसे शब्दों से नवाज चुकी है , ममता मोदी के कमर में रस्सी बांधकर घसीटने की बात कह चुकी है , लालू मुलायम तो आज भी मोदी के लिए अबे तबे की भाषा का प्रयोग करते है ! मायावती इन सबो से चार कदम आगे जाकर ‘कलम तराजू औ तलवार , इनको मारो जूते चार ‘ कहते कहते कई बार मुख्य मंत्री बन चुकी है / अगर वह सब शब्द शालीन थे तो हरामजादा शब्द अशिष्ट कैसे हो गया / समझ में नहीं आता की ए नेता लोग जनता को कब तक बेवकूफ समझेगे ? माना की जाती धर्म क्षेत्र के बदौलत तमाम नेताओ की पैठ जनता में है , लेकिन वे लोग इनके सोच से प्रभावित है यह कदापि नहीं है / क्योकि आज तक किसी दल के नेता ने इनके सोच को प्रभावित करने का काम ही नहीं किया / किसी ने २ रुपया किलो खाद्यान्न दिया तो किसी ने लैपटॉप बांटा ! अब जब की मोदी उनके सोच को बदलने की कोशिस कर रहे है तो बिरोधियो का सोच बीकृत होगा ही ! लेकिन मोदी को इतना समझना होगा की दहलेंगी का जवाब दहलेंगी होता है माफ़ी नहीं !

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...

  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग