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फेसबुकिया कीड़ा

Posted On: 6 Sep, 2013 Others में

अंगारMy thoughts may be like 'अंगार'

राजेंद्र भारद्वाज

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वैसे तो उसने गुरु को कभी

दिल से नहीं पसंद किया

पर फेसबुक पे देखो उसका

वही गुरु भगवान हैं  

 

घर पर पिता से अपने

उसकी कभी बनी नहीं

पर फेसबुक पे देखो उसका  

वही पिता कितना महान है

 

घर पे उसकी माँ बेचारी

लाचार दर्द से तड़प रही है

और वो बेचारा माँ के लिए

फेसबुक पे कितना परेशान है

 

माता-पिता-गुरूजी के नाम पर  

लाइक्स और कमेन्ट को तरसने वाला

वो फेसबुकिया कीड़ा देखो

सुबह से शाम तक हैरान-परेशान है…

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