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UPSC का अन्याय - आरक्षण एक एड्स जैसी बिमारी

Posted On: 28 Aug, 2016 Others में

मेरा भारत महानAn initiative to keep the truth in front of everyone

Riyaz Abbas Abidi

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आरक्षण हमारे देश के लिए  एड्स की बिमारी बन चुका है जो रोज़ रोज़ बढ़ता ही जा रहा है और इस बिमारी का इलाज खोजने के बजाये आरक्षण नामक बिमारी को घातक बिमारी बनाने में व्यस्त हैं।

ईटी नाउ की रिपोर्ट के अनुसार देश में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित कराने वाला संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) कुछ बड़े फैसले लेने जा रहा है इस फैसले में अब जो IAS- IPS की परीक्षा देना चाहता है अब उसकी अधिकतम आयु 26 वर्ष करने की योजना बनाई जा रही है पहले अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष थी यानी समान्यवर्ग के जवानों के लिए 6 घटाए जाने की योजना है जबकि अरक्षित वर्ग के लिए आयु सीमा 37 वर्ष है और इस में कोई बदलाव नही किया जा रहा है।

मेरी समझ के बाहर की बात है कि यूपीएससी, सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों पर ही इस बदलाव को लागू करने पर विचार क्यों कर रहा है? एवं आरक्षित वर्ग को इससे अलग क्यों रखा जा रहा है? क्या इस लिए क्यूंकि सामान्य वर्ग के अभ्यार्थी सामान्य वर्ग से आते हैं ? या इस लिए क्यों कि वे अपनी महनत और बिना किसी प्रकार के आरक्षण के परीक्षा पास कर देश की सेवा करते हैं इस लिए उनको यह इनाम दिया जा रहा है ?यह तो सामान्य वर्ग के साथ अत्याचार व अन्याय है,क्या वे भारतीय नहीं हैं या आयकर नही देते हैं?

प्रश्न यह नहीं है की संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)  जो अभ्यर्थियों की आयु 26 वर्ष क्यों कर रहा है सवाल यह है की यह बदलाव केवल सामान्य वर्ग वालों के लिए ही क्यों हो रहा है? इस अत्याचार व अन्याय को आरक्षण की आड़ में हम किसी भी हालत में नही सहेंगे

मेरे विचार से तो संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिये जिस से देश में किसी प्रकार का भेदभाव उत्पन हो, सत्य और न्याय तो यही होगा की सिविल सेवा परीक्षा में किसी भी प्रकार के आरक्षण का कोई नियम ही नहीं होना चाहिये।

मेरी प्रधानमत्री मोदी जी से निवेदन हैं की इस अत्याचार को न होने दे अन्यथा देश में भूचाल आ जायेगा सामान्य वर्ग और आरक्षित वर्ग के बीच नफरत की आग लग जायेगी।

मैं आरक्षण नामक इस अत्याचार के खिलाफ पहले भी प्रधानमंत्री जी को पत्र लिख चुका हों आरक्षण का नासूर हटाओ मुहीम प्रधानमंत्री को पत्र और उसका प्रधानमंत्री मोदी जी की और उत्तर इस प्रकार प्राप्त हुआ जो निम्न लिखित है –

Various suggestions made in the grievance relating to need for review/stoppage of existing reservation system have been noted for record purposes, to the extent it concerns central government posts and services : – PMO

मित्रो उठो और अपनी आवाज प्रधानमंत्री मोदी जी तक पहुचाये की संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के इस अत्याचार को न होने दें

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