blogid : 27157 postid : 6

आखिर क्यों झुक जाऊं मैं

Posted On: 4 Oct, 2019 Common Man Issues में

बैरागी स्याहीJust another Jagranjunction Blogs Sites site

rudrastak

2 Posts

1 Comment

क्यों झुक जाऊंं मैं करोड़ों की इस भीड़ में आखिर क्यों छुप जाऊंं मैं
क्यों ना सर उठाऊंं मैं क्यों इन किताबों के बोझ तले दब जाऊंं मैं
क्यों डर जाऊंं मैं समाज, रीत, रिवाज़ की परवाह आखिर क्यों कर जाऊंं मैं

 

 

क्यों ना इस दौड़ में सबसे आगे निकल जाऊंं मैं
क्यों ना भेड़ चाल से परे सिंह चाल चल जाऊंं मैं
क्यों ना इस रेतीली दुनिया में खुद का महल बनाऊंं मैं
क्यों ना इन बनावटी तारों में एक जुगनू बन जाऊंं मैं

 

 

क्यों ना इस खारे समुन्दर में एक ओस की ही बूंद बन जाऊंं मैं
क्यों ना बेरंगी सी इस दुनिया में खुदके रंग भर जाऊंं मैं
पैसों की दुनियां ना सही, क्यों ना सुकून से भरा खुदका एक टीला बनाऊंं मैं

Rate this Article:

  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग