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ग़ज़ल : कोई अच्छा बहाना देख लेना

Posted On: 9 Jan, 2014 Others में

Saarthi BaidyanathGhazal, Poetry & Thoughts.

Saarthi Baidyanath

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कोई अच्छा बहाना देख लेना
कहीं दिलकश ठिकाना देख लेना !
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अगर मिलना हो तुमको हमनशीं से
तो फिर मौसम सुहाना देख लेना !
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भले ही मुश्किलों में हम पले हैं
हमारा मुस्कुराना देख लेना !
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किसी की आबरू यूँ मत उछालो
कभी इज्ज़त गंवाना देख लेना !
…………………………………………
हमारा ‘सारथी’ है नाम समझे
मिज़ाजे -शाइराना देख लेना !

#saarthibaidyanath

 

 

 

नोट : यह लेखक के निजी विचार हैं और इसके लिए वह स्वयं उत्तरदायी हैं।

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