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कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा- इस कविता से डरा पाक

Posted On: 11 Oct, 2016 Others में

सद्गुरुजीआदमी चाहे तो तक़दीर बदल सकता है, पूरी दुनिया की वो तस्वीर बदल सकता है, आदमी सोच तो ले उसका इरादा क्या है?

sadguruji

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कविता- ‘कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा’

रावलपिंडी से कराची तक सब कुछ गारत हो जायेगा !
सिंधु नदी के आर पार पूरा भारत हो जायेगा !!
धारा हर मोड़ बदल कर लाहौर से गुजरेगी गंगा !
इस्लामाबाद की धरती पर लहराएगा भारत का झंडा !!
फिर सदियों सदियों तक जिन्ना जैसा शैतान नहीं होगा !
कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा !

तुम याद करो अब्दुल हमीद ने पैटर्न टैंक जला डाला,
हिन्दुस्तानी नेटो ने अमरीकी जेट जला डाला,
तुम याद करो नब्बे हजार उन बंदी पाक जवानों को,
तुम याद करो शिमला समझौता इंदिरा के एहसानों को,
पाकिस्तान ये कान खोलकर सुन ले,
अबकी जंग छिड़ी तो यह सुन ले,
नाम निशान नहीं होगा,
कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा !

लाल कर दिया लहू से तुमने श्रीनगर की घाटी को,
तुम किस गफलत में छेड़ रहे सोई हल्दी घाटी को,
जहर पिलाकर मजहब का, इन कश्मीरी परवानों को,
भय और लालच दिखलाकर तुम भेज रहे नादानों को,
खुले प्रशिक्षण, खुले शस्त्र है खुली हुई शैतानी है,
सारी दुनिया जान चुकी ये हरकत पाकिस्तानी है,

बहुत हो चुकी मक्कारी, बस बहुत हो चुका हस्तक्षेप,
समझा ले अपने इस नेता को वरना भभक पड़ेगा पूरा देश,
क्या होगा अंजाम तुम्हे अब इसका अनुमान नहीं होगा,
नाम निशान नहीं होगा,
कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा !
भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय !!
maxresdefaultee
26 जुलाई 1999 के दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ‘ऑपरेशन विजय’ को सफलतापूर्वक अंजाम देकर भारत भूमि को पाकिस्तानी घुसपैठियों के चंगुल से मुक्त कराया था. लगभग 60 दिनों तक चले इस युद्ध में भारत की विजय हुई थी. इस युद्ध में शहीद हुए सैकड़ों सैनिकों की याद में ’26 जुलाई’ को हर वर्ष कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है. हिमाचल प्रदेश की पुलिस में हेड कांस्टेबल मनोज ठाकुर मनोज ठाकुर ने यह कविता कारगिल विजय दिवस के मौके पर 26 जुलाई को पढ़ी थी, जिसे बाद में उन्होंने बस में अपने साथियों के संग 2 मिनट 10 सैकंड के वीडियो के रूप में शूट कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी थी.

उरी हमले के बाद यह कविता बहुत ज्‍यादा लोकप्रिय हुई थी. उरी आतंकी हमले में अपने 20 जवान खो देने के बाद पूरा हिंदुस्तान गुस्से से अाग बबूला हो उठा था. उरी हमले के बाद भारतीय सेना के समर्थन में सोशल मीडिया पर देशभक्ति से परिपूर्ण कविताएं, फोटो और वीडियो शेयर करने की आंधी सी चल पड़ी थी. करोड़ों भारतीयों ने सोशल मीडिया के जरिये भारतीय सेना के जवानों को सलाम किया. पिछले महीने मनोज ठाकुर की कविता का वीडियो फेसबुक और ट्विटर पर खूब शेयर किया गया, जिसमें वो अपनी पुलिस बस में खड़ा होकर पाकिस्‍तान को ललकार रहे हैं कि ‘कश्‍मीर तो होगा लेकिन पाकिस्‍तान नहीं होगा.” इसे करीब पांच करोड़ से भी ज्यादा भारतीयों ने सोशल मीडिया पर शेयर किया. सोशल मीडिया पर यह रोतों रात वायरल हो गई थी.

इस गीत को सुनकर पाकिस्तान में हड़कंप मच गया. वो इतना डरे कि मनोज ठाकुर को धमकाने लगे. मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि कांस्टेबल मनोज ठाकुर को पाकिस्तानियों द्वारा जान से मारने की धमकी मिल रही है. मनोज ठाकुर ने फेसबुक में पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी देते हुए लिखा है, “दोस्‍तों! मुझे दुश्‍मनों की गीदड़ भभकियां मिल रही हैं. मुझे खुशी है कि उनके खेमे में हाहाकार मचा हुआ है. एक व्‍यक्ति मुझे मारने की चाह मन में पाले बैठा है. मुझे सौगंध है अपनी मातृभूति की, अपने शहीदों की, अगर कभी उन दुश्‍मनों से मेरा सामना हुआ तो इतना कोहराम मचाऊंगा कि इनकी नस्‍ल को तबाह कर दूंगा.” पाकिस्तान के नागरिकों की धमकी के जवाब में बिना डरे या घबराये उन्‍होंने बेख़ौफ़ होकर लिखा है-

”धारा हर मोड़ बदलकर लाहौर से गुजरेगी मां गंगा !
इस्लामाबाद की छाती पर लहराएगा भारत का तिरंगा !!”
मनोज ठाकुर की देशभक्ति को सलाम करते हुए हिंदुस्तानी लोग अब पाकिस्तानियों से यही पूछ रहे हैं कि पैरामिलिट्री फोर्सेज के एक जवान की कविता से जब पाकिस्तानियों के होश उड़ जा रहे हैं तो युद्ध हुआ तो उनका क्या हाल होगा? उनके लिए ज्यादा अच्छा तो यही कि अब वो हमें युद्ध के लिए ललकारने और हिंदुस्तान पर एटम बम फेंकने की झूठी धौंस देने की बजाय शान्ति से बात करें और कश्मीर को भूलकर तथा अपने यहाँ के आतंकियों का खात्मा कर हमसे दोस्ती का हाथ आगे बढ़ाएं, नहीं तो अंत में एक दिन वही होगा जो ”कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा’ शीर्षक वाली कविता में कहा गया है. !! जयहिंद !!

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आलेख और प्रस्तुति= सद्गुरु श्री राजेंद्र ऋषि जी, प्रकृति पुरुष सिद्धपीठ आश्रम, ग्राम- घमहापुर, पोस्ट- कन्द्वा, जिला- वाराणसी. पिन- 221106
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