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किससे कहूँ....

Posted On: 30 Jun, 2012 Others में

ReEvaluation“आँख जब खुले तभी सबेरा होता है कोई रौशनी की उम्र नहीं पूछता दूर जब अँधेरा होता है”

sadhna srivastava

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375 Comments

ना जाने क्या होता है कभी कभी…
इतनी भीड़ में भी अकेला होता है..!!
लगता है किससे कहूँ…..
अपने दिल की बात….
जब कोई नहीं दिखता…
ख़ास…..
जबकि सब होते हैं पास….. !!
किसपर करूँ इत्मीनान….
सब करते हैं नाटक….
ख़ास होने का….
पर चाहिए उनको भी एक मौका….
जब तोड़ देते हैं भरोसा…..
विश्वास और प्यार का रिश्ता….!!
उसने कहा मुझे बताओ….
अपने मन की हर बात….
पर वो भी कर गया विश्वासघात…
मेरी कमियां गिनवाकर…..!!

fp8i77

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