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"Self Evaluation"

Posted On: 21 Apr, 2012 Others में

ReEvaluation“आँख जब खुले तभी सबेरा होता है कोई रौशनी की उम्र नहीं पूछता दूर जब अँधेरा होता है”

sadhna srivastava

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मुझे लगता है यहाँ कुछ लिख कर और उस पर हज़ार प्रतिक्रियाएं पा लेने से कुछ नहीं होता है…. हर कोई बहुत अच्छा अच्छा लिख रहा है और उस पे प्रतिक्रियाएं भी ज़बरदस्त मिल रही हैं…. कभी महिलाओं की दयनीय दशा पर, कभी उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर, कभी भ्रष्टाचार पर, कभी नेताओ पर, तो कभी देश की बुराइयों पर!! इस जागरण जंक्शन पर कितने लोग होंगे….? हजारों में होगी उनकी संख्या…. है न… और इसे पढने वाले….. वो भी हजारों में ही होंगे…. सबकी सोच बहुत भली लगती है उनके पोस्ट देख कर और उनकी प्रतिक्रियाएं पढ़ कर…. लेकिन क्या जो सब लोग लिखते हैं वो अपनी ज़िन्दगी में धारण करते हैं….? मुझे नहीं लगता….. आप सब खुद ही सोचिये अपने अपने बारे में…. मुझे नहीं पता किसी का…. we need to do self evaluation ….. क्या कभी किसी गरीब की मदद की है…. ? क्या किसी बुज़ुर्ग को सड़क पार करवाई है या खुद खड़े होकर उसे बैठने की जगह दी है…. क्या करते हैं आप उस भोजन का जो बच जाता है…. dustbin में डालते हैं या किसी ज़रूरतमंद को देते हैं…. किसी बीमार को अस्पताल लेकर गए हैं क्या…. कभी किसी लड़की की दुष्ट लोगो से रक्षा की है….. कभी किसी काम को करवाने के लिए पैसे देने का ख़याल तो नहीं आया…. क्या आप अपने घर की महिलाओं से इज्ज़त से पेश आते हैं….. क्या उनकी मदद करते हैं…. क्या कभी आपने किसी महिला को दूषित नज़रों से नहीं देखा…. क्या स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अलावा भी आपके दिल ओ दिमाग में देशभक्ति की भावना रहती है…..जिस गंगा यमुना सरस्वती को बचाने की बात की जाती है उसमे कितना योगदान है आपका…. गंगा को माँ का दर्जा दिया गया है जब कभी आप गंगा किनारे जाते हैं तो सबसे पहले क्या करते हैं…. क्या गंगा का जल उठाकर अपने माथे पे लगाते हैं या अपना पैर डाल कर बहते पानी का आनंद लेते हैं… और भी बहुत सारी बातें हैं छोटी छोटी सी…जिनको याद रख कर ही हम कोई बड़ा बदलाव ला सकते हैं और ये बदलाव हम तभी ला पाएंगे जब हम खुद को बदलेंगे…. किसी दूसरे को बदलने का अधिकार ईश्वर ने हमे नहीं दिया… और ना ही कुछ लिख कर हम कोई बदलाव ला सकते हैं…. जब तक की हम खुद धारण न करें!
अपने घर के एक छोटे बच्चे को सिखाने के लिए हम क्या करते हैं पहले खुद ही तो कोई काम करके दिखाते हैं ना…… तो घर के बाहर भी ये तरीका काम कर सकता है…. मुझे लगता है… हो सकता है क्योंकि मैंने अनुभव किया है!!

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