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जन्मदिन मुबारक हो मिसेज सिन्हा ....

Posted On: 8 Jan, 2014 Others में

Meri udaan mera aasmanहार नही है जीत नही है जीवन तो बस एक संघर्ष है ........

Sonam Saini

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माँ —- माँ मेरे लिए वो एहसास है जो मुझे हर एक परेशानी, हर एक मुश्किल से पल में निकाल देती हैं ! मैं अपने जीवन में अगर किसी के सबसे ज्यादा करीब हूँ तो वो हैं माँ और जिनसे मैं सबसे ज्यादा प्रभावित हूँ वो भी माँ ही हैं ! मैं जब भी अपनी हिम्मत को टूटते देखती हूँ तो माँ से ही बात करती हूँ और ये सोचती हूँ कि उन्होंने अपनी लाइफ में कितना सब कुछ झेला है, देखा है, सहा है इस सबके बावजूद भी वो ख़ुशी ख़ुशी जीवन जी रही हैं बिना किसी शिकायत के ! माँ के दो शब्द ही जीवन को फिर से एक नयी ऊर्जा से भर देते हैं ! फिर वो दो शब्द मेरी अपनी मम्मी के हों या फिर उनके जिनमे मैं हमेशा मम्मी को ही देखती हूँ ! माँ के लिए मैंने बहुत सी कविताये लिखी हैं, लेख भी लिखे हैं जिनमे से कुछ सिर्फ मेरी मम्मी के लिए होते हैं तो कुछ सिर्फ उनके लिए और कुछ दोनों के लिए !


आज मैं जिनके लिए ये लेख लिख रही हूँ उनसे मेरा कोई खून का रिश्ता नही है ! न ही कोई दूर का रिश्ता है ! रिश्ता है तो दिल का, जज्बातों का और शायद कोई बहुत पुराना माँ-बेटी का भी ! मैं जिनकी बात कर रही हूँ वो इसी मंच की एक सम्मानित लेखिका हैं ! जिनकी लेखन शैली के प्रंशसको की लिस्ट बहुत ही लम्बी है लेकिन मुझे इतना यकीं है कि उनके प्रशंसको की लिस्ट में सबसे पहला नाम मेरा ही होगा 🙂


यहाँ मैं जिनकी बात कर रही हूँ उनका नाम है आदरणीय श्रीमती सरिता सिन्हा ! जिन्हें जे जे पर अधिकतर ब्लोगेर्स और रीडर्स जानते ही हैं ! इनसे मेरी मुलाक़ात जे जे पर ही हुई थी ! जे जे पर पोस्टस पर कमेंट करते करते कब इनके सरल एवं ममतामयी व्यक्तित्व ने मेरे मन को छू लिया मुझे भी पता नही चला ! मुझे अच्छे से याद है जब इन्होने जे जे के अलावा पहली बार मुझे जीमेल पर मेल किया था और बड़े ही प्यार से एक बात समझाई थी ! इनके इसी अपनेपन को देखकर एक दिन मैंने इन्हें फेसबुक पर सर्च किया और फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी ! रिक्वेस्ट भेजने के कुछ देर बाद ही इनकी तरफ से एक्सेप्ट करने का नोटिफिकेसन आ गया था फिर कुछ देर बाते हुई ! वो दिन है और आज का दिन है तब से मैंने कभी इनका पीछा नही छोड़ा 🙂 हमेशा ही इनके आगे पीछे घुमती रहती हूँ ! 🙂 🙂 🙂 और जब ये ऑनलाइन होती हैं और मुझसे बात नही करती तो फिर गुस्सा भी बहुत करती हूँ ! असल में गुस्सा आ जाता है मुझको अपने आप ही ! अब आप ही बताइए कि ऑनलाइन आकर भी अगर मुझसे बात नही करेंगी तो गुस्सा तो आएगा ही न 🙂 ये भी कोई बात होती है भला 🙂 🙂 आई ए एम अ बिग फेन ऑफ़ हर …. 🙂 एंड शि इज द बेस्ट से भी बेस्ट फ्रेंड ऑफ़ माइन ….. 🙂 इसीलिए तो इतना झगडा कर लेती हूँ इनसे, छोटी-छोटी बातो पर लड़ने लगती हूँ ! माँ हैं तो समझ जाती हैं मेरे बचपने को, मेरी नादानी भरी बातो को … She understands me, my feeling, my stupidity very well … 🙂 🙂


मेरी हर एक गलती को यें हँसकर माफ़ कर देती हैं ! जिन पर मैं चाहे जितना भी गुस्सा कर लूँ कभी मुझसे खफा नही होती ! हाँ कभी कभी जब ज्यादा ही कुछ गलत करती हूँ तब थोडा सा हड़का देती हैं 🙂 ! जब मैं पहली बार इनसे मिली (वैसे अब तक सिर्फ एक ही बार मिली हूँ) तो बिलकुल ऐसा नही लगा था कि पहली बार मिल रही हूँ ! मुझे कभी किसी के घर जाना पसंद नही है, न किसी से मिलना न ज्यादा बाते करना ! लेकिन इनसे मिलने का एक मौका मिला नही कि मैं चल पड़ी 🙂 ! आज बहुत लोग इसी बात का मुझे ताना भी दे देते हैं कि मैं कैसे एक ही दिन में सफ़र करके इनसे जा मिली और बाकि किसी के घर नही आती जाती !


मेरी बाते पढ़ते हुए शायद आप में से किसी को लगे कि मैं इनकी तारीफ कर रही हूँ लेकिन ऐसा बिलकुल नही है मैं जो महसूस करती हूँ सिर्फ वही लिखती हूँ और ये तारीफ नही बल्कि सच्चाई है ! मैं अपनी अब तक की जिन्दगी में बहुत से लोगो से मिली हूँ जिनसे मेरी दोस्ती भी रही है गहरी दोस्ती भी और सामान्य भी ! लेकिन ये बात उतनी ही सच है जितना सच दिन में उजाला और रात में अँधेरे के होने का है कि इतनी सहनशक्ति, इतना धैर्य, इतनी समझ मैंने कभी किसी में नही देखी! जहाँ लोग छोटी-छोटी बातो पर बोखला जाते हैं, पल भर में वर्षो के रिश्तो को अपने अंहकार और क्रोध की बली चढ़ा देते हैं वहां कोई मुझे ऐसा भी मिलेगा जो इतना शांत होंगा मैंने कभी नही सोचा था ! किसे किस तरह से हैंडल करना है, कब किस मौके पर कौन सी बात कहनी है इन्हें अच्छे से मालूम है ! इतनी सहजता, इतनी सरलता, इतनी ममता कि देखते ही दिल से आवाज़ आती है ऐसी ही तो होती है माँ ! इनसे मिलने के बाद मैं इनकी राइटिंग के साथ-साथ कुकिंग की भी फैन हो गयी हूँ 🙂 नपी तुली एक ही साइज़ की और एक दम गोल वो भी सारी रोटियां पता नही कैसे बनाती हैं वो भी इतनी जल्दी ! जब भी मैं इनकी तरह रोटी बनाने की कोशिश करती हूँ तो मेरी रोटी का तो पता ही नही चलता कि वो कौन से नक़्शे की बनी हैं ! कोई छोटी कोई बड़ी, कोई मोटी कोई पतली 🙂 🙂


अपने घर से दूर रहने के कारण हमेशा मम्मी को बहुत मिस किया है ! फ़ोन पर बात होती रहती है रोज ही लेकिन फ़ोन में वो बात कहाँ जो माँ के पास बैठकर, माँ की गोद में सिर रखकर सो जाने में है ! जीवन में कुछ हो न हो मम्मी पापा हमेशा साथ ही रहने चाहिए वरना सब कुछ होते हुए भी कुछ नही होता !


जब भी Mrs. Sinha को देखती हूँ लगता है सामने माँ ही हों! उतना ही प्यार, उतना ही स्नेह, उतनी ही ममता और उतनी ही केयर मुझे उनसे मिलती है जो एक माँ अपने बच्चे को देती हैं! जब समझाना होता है समझाती हैं, जब डांटना होता हैं डांटती भी हैं ! मुझे इतना प्यार, इतनी केयर देने का इन्हें खामियाजा भी भुगतना पड़ता है मेरी दस-दस मिस कॉल से, मेरे बिना मतलब के मेसेजस से 🙂 :), और मेरे बिना टाइम की परवाह किये फ़ोन करने से 🙂 ! अपने मम्मी पापा के अलावा बिना टाइम की परवाह किये मैं बस इन्हें ही मेसेज या फ़ोन करती हूँ ! बस अब और क्या लिखूं, इनके बारे में जितना भी लिखू सब कम ही है 🙂 ! She is such a charming personality who has a beautiful & big heart for all……


आज (8 जनवरी) को माय स्वीटेस्ट ऐ जे और इस मंच की सम्मानित लेखिका श्रीमती सरिता सिन्हा जी का जन्मदिन है !


मेरे पास और तो कुछ नही है ऐसा कि आपको जन्मदिन का गिफ्ट दे सकूँ बस मेरे स्नेह और इस छोटी सी कविता के सिवा! सो, इसे ही कुबूल कर लीजियेगा और कोई भूल हो गयी हो तो माफ़ भी कर दीजियेगा … 🙂 🙂 🙂 !

हर एक गलती को
माफ़ कर देती है
ऐसा तो बस
माँ ही करती है……
हर वक़्त जो साये की तरह
साथ होती है
वो माँ ही तो होती है
दुनिया में सबसे प्यारी होती है
नदी की तरह शीतल होती है
वो तो बस माँ ही होती है
सागर सी जो गहरी होती है
आसमां सी जो फैली होती है
वो माँ की ही तो ममता होती है
हर कदम पर जो राह दिखाती है
हर गम से महफूज रखती है
वो माँ की ही तो दुआ होती है
सही-गलत का फ़र्क समझाती है
आत्मसम्मान से जीना सिखाती है
वो माँ की ही तो सीख होती है
हर गम जो हंस कर सह लेती है
आंसुओ को जो मुस्कराहट कर देती है
वो माँ ही तो होती है
बस माँ ही होती है ……

2.  नदी सी शीतलता
नदी सी ममता
नदी सा ही तो नाम है आपका
सरिता …………
नदी सी गहराई
आप में है समाई
कोई अपना हो
या अनजान
सबकी फ़िक्र करना
हो जाना परेशान ….
प्रेम से भरा आँचल
नदी की तरह ही ..
हम बच्चो पर
स्नेह लुटाती ममता
नदी सा ही तो नाम है आपका
सरिता …………
बातो में आपकी विश्वाश है
उम्मीद है आस है ….
पल पल , हर पल
देती हमे हौसला
आपकी हर बात है
एहसास में आपके
नदी सी ही है शीतलता
नदी सा ही तो नाम है आपका
सरिता …………!!!!!!


जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाये………….भगवान जी आपको सुख, सम्रद्धि, वैभव, यश, संसार की सारी खुशियाँ और आप जो भी मांगो वो सब दे … 🙂 🙂  🙂 …. Wishing you a very very very “HAPPY BIRTHDAY” ……….. God Bless you…. 🙂 🙂 🙂 🙂

फूलजन्मदिन

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