blogid : 26118 postid : 32

प्रोफ़ेसर साहब कपड़ो से गर्भ में लिंग निर्धारण नहीं होता

Posted On: 8 Apr, 2018 Uncategorized में

Sandeep Sumanसमाज,शिक्षा और राजनीति पर निष्पक्ष और बेवाक दृष्टिकोण।

Sandeep Suman

23 Posts

1 Comment


आप इसे देश का दुर्भाग्य ही कहेंगे कि जब एक और देश गोल्ड कोस्ट कॉमन वेल्थ गेम में भारतीय खिलाड़ी एक जैसे ड्रेस कोड अपना कर पूरे दुनिया को भारत में महिला पुरुष बराबरी का सन्देश दे रहे थे तो उसी वक़्त केरल में एक कार्यक्रम के दौरान प्रोफ़ेसर रजित कुमार ने जो बयान दिया उससे पुरे देश को शर्मिंदा होना पड़ गया। केरल के श्री संकर संस्कृत विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान के प्रोफेसर कुमार ने कासरगोड में छात्रों के लिए रखे गए जागरूकता प्रोग्राम के दौरान संबोधित करते हुए कहा कि, ‘जीन्स, शर्ट पहनने वाली और पुरुषों के तरह कपडे पहने वाली महिलाएं सिर्फ ट्रांसजेंडर को जन्म देगी’।
जिस प्रकार का उन्होंने बयान दिया वो अपने आप से शर्मनाक और बेतुका बयान है। क्या किसी कपड़े गर्भ में लिंग निर्धारण करने लगे ? 9वी कक्षा का छात्र भी जानता है ही की मनुष्य में लिंग का निर्धारण ‘X’ और ‘Y’ गुणसूत्र (क्रोमोसोम) द्वारा है। मानव जाति का गुणसूत्र 46 होता है जिसमे 44 ऑटोजोम होता है जबकि बाकी दो सेक्स क्रोमोसोम होते है, यही दो सेक्स क्रोमोसोम सब कुछ का निर्णय करता है

“मनुष्य में लिंग का निर्धारण ‘X’ और ‘Y’ गुणसूत्र (क्रोमोसोम) द्वारा है। मानव जाति का गुणसूत्र 46 होता है जिसमे 44 ऑटोजोम होता है जबकि बाकी दो सेक्स क्रोमोसोम होते है, यही दो सेक्स क्रोमोसोम सब कुछ का निर्णय करता है”

अगर यदि दो सेक्स क्रोमोसोम XY है तो पुरुष कहलाता है जबकि XX रहने पे महिला कहलाता है। XY और XX क्रोमोसोम के अलावा (XXX, YY, OX) क्रोमोसोम वाले मनुष्य को क्रोमोसोम डिसऑर्डर बोलते है जिससे ट्रांसजेंडर या तीसरे लिंग वाले इंसान का जन्म होता है।
ऐसा नहीं की प्रोफेसर साहब इन बातों को नहीं जानते उन्हें हमसे ज्यादा जानकारी होगी, किंतु उनके ज्ञान पर दकियानूसी विचार ज्यादा हावी है जो उनके मन मस्तिष्क में ये विकार उत्पन्न कर रहे है, अपने हक़ और बराबरी के समाज में संघर्ष करती महिलाओं को जहाँ उन्हें प्रोत्सहित करना चाहिए, प्रोफेसर साहब ठीक उलटा कर रहे है। आज कपड़ो से लिंग निर्धारण कर रहे है, कल कपड़ो के रंगों से इंसानो के प्राकृतिक रंगों का दलील देगे। प्रोफेसर समाज के सबसे ऊंचे दर्ज के मार्गदर्शक होते है अगर वो ही पथभ्रामित हो जाएंगे और ऐसे बयान देगे तो समाज को ईश्वर ही बचाए।

Rate this Article:

  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग