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PUBG की जद में युवा

Posted On: 4 Jan, 2019 Uncategorized में

Sandeep Sumanसमाज,शिक्षा और राजनीति पर निष्पक्ष और बेवाक दृष्टिकोण।

Sandeep Suman

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PUBG अर्थात प्लेयर अननोन बैटल ग्राउंड्स, इससे आज कल स्मार्टफोन रखने वाला हर युवा परिचित है, और उनके अभिभावक उनसे कई ज्यादा, ऐसा क्यों ? इसकी चर्चा हम बाद में करेंगे पहले पबजी के बारे में थोड़ा जान लेते है, PUBG यानी कि प्लेयर अननोन बैटल ग्राउंड्स एक ऑनलाइन वीडियो गेम है जिसका निर्माण PUBG कारपोरेशन के द्वारा किया है जो कि दक्षिण कोरिया की वीडियो गेम कंपनी ब्लू होल की साझेदार है। इसे सबसे पहले दिसंबर 2017 में विंडोज पर लौंच किया गया, और उसके बाद फरवरी 2018 को एंड्राइड के लिए उपलब्ध कराया जिसके बाद तो इसने वीडियो गेम के इतिहास के सारे रिकॉर्ड तोड़ते चला गया और गूगल प्ले द्वारा भी इसे सबसे पॉपुलर गेम का अवार्ड प्राप्त हुआ।
द्वितीय विश्वयुद्व के समय सोवियत रूस द्वारा इस्तेमाल किये गए एक द्वीप की अवधारणा वाली कहानी को रचती हुई गेम है जिस द्वीप को सोवियत रूस ने अब छोड़ दिया है। एक बार मे करीबन सौ खिलाड़ियों को द्वीप पर उतारा जाता है और फिर प्रारंभ होती है हिंसा का वो दौर जिसमें आपको या आपके सहियोगियो के संग मिलकर जो कि चार के ग्रुप में होते है बाकियों को मारना होता है और अंत तक जीवित होने होता है। गेम के दौरान रोमांच बरकरार रखने के लिए बैटल ग्राउंड की सीमा घटती रहती है जिसे ब्लू लाइन के नाम से जाना जाता है और इसे इलेक्ट्रिक फील्ड की संज्ञा दी जाती है जो कि द्वितिय विश्वयुद्व की उसी अवधारणा पर है जिसमें सोवियत रूस की आर्मी द्वीप पर आने वाले दुश्मनों के खात्मे के लिए इस्तेमाल करते थे।
अब सवाल उठता है गेम तो इतना मजेदार है फिर ये समस्या कैसे उत्पन करती है। तो बात दरअसल यह है कि ये पूरी तरह एक ऑनलाइन गेम है और इसमें खेलने वाले हर कोई एक व्यक्ति दुनिया के किसी न किसी लोने में बैठा है यानी इसमे कोई कंप्यूटर प्रोग्रामिंग किया हुआ दुश्मन नहीं इसलिए आप जितनी बार खेलेंगे आपको नया रोमांच प्राप्त होगा और आपको गेम से बोर नही होने देगा, साथ ही साथ जब आपने ने गेम खेलना प्रारम्भ किया तो औसतन आप एकबार में बीस मिनट तो बिताएंगे ही और जल्द आउट होने के बाद आप तुरंत वापस खेलने के लिए इसका जबरदस्त ग्राफिक्स आपको मजबूर करता है साथ ही साथ खेलते हुए सहयोगियों के साथ वॉयस चैट का फीचर जो कि कई सोशल चैट ऐप से भी बेहतर है आपको और भी इसकी और आकर्षित करता है। जसके वजह से आज छोटे बच्चे से लेकर हर उम्र के युवा इसके जद में है।
PUBG खेल जितना मजेदार व रोमांचक है वो उससे भी ज्यादा शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दृष्टि से खतरनाक। स्मार्टफोन पर उपलब्ध होने के वजह से अधिकांश लोगों तक आराम से मौजूद है एवं आप इसे आसानी से कही भी किसी भी जगह खेल सकते है, कई महारथियों को मैंने घर के बेड से शौचालय तक इस खेल का आंनद उठाते देखा है। अपने खाली समय मे बच्चे एवं युवा छुट्टियों में भी बाहर शरीरिक खेल न खेल इसी पर लगे हुए है, जायद देर तक खेलने के कारण हमारे आँखों को भी नुकसान पहुँचा सकता है तथा मानसिक रूप से हमे बीमार बना सकता है। यह खेल एक हिंसात्मक खेल है जिसमें आपको काल्पनिक रूप से ही सही किन्तु अन्य लोगों की बिना मतलब की हत्या करनी होती है जो बाल मन एव युवाओं के सोच को दिग्भर्मित कर सकती है। इसलिए ऐसे खेलों के प्रति हमे सचेत होने की जरूरत है क्योंकि इसका बुरा प्रभाव सभी पर पड़ेगा। आप PUBG खेले किन्तु दायरे में रहकर और सिर्फ मनोरंजन के लिए इसे जिंदगी का हिस्सा न बनाएं।

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