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मूरख पंचायत ,...झूठी पिकनिक और ..१

Posted On: 29 Apr, 2014 Others में

हमार देशएक आम आवाज

Santosh Kumar

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आदरणीय मित्रों बहनों गुरुजनों ,….सादर प्रणाम

मूरख पंचायत की तलाश में फिर गाँव पहुंचा तो कटाई मड़ाई जोरों से चालू मिली ,…पंचायत स्थल सुनसान दिखा तो करीब के खेतों में पहुँच गया ,….वहां दो पुरुष तीन महिला एक बालक एक बालिका कनक काटने में तल्लीन मिले ,….मरियल से बाबा मेढ पर बैठे थे ,….अभिवादन सत्कार के बाद बाबा ने बताया कि कटाई के कारण पंचायत में विलम्ब हो रहा है ,….इतने में एक युवा वहां पहुंचा ,….आक्रोशित भाव से उसने एक कागज़ देकर बोला …… “..ई हम लिखे हैं ,..कहीं छपवा दो !..”

बाबा बोले ……….“ पहले सुनाय दो छपवाना बाद में !..”……इतने में किसान परिवार कटाई छोड़कर करीब आ गया ,…संक्षिप्त मूरख पंचायत सा माहौल बन गया ……युवा ने सुनाना शुरू किया …………… “….टीवी अखबार आकाशवाणी में देश का ताजा मुद्दा ,…….बाबा रामदेव को राहुल गांधी पर अभद्र टिप्पड़ी करना पड़ा मंहगा !……..मुकदमा दर्ज ,..तमाम राजनेताओं ने दलितों महिलाओं का अपमान बताया !……बिना शर्त माफ़ी की मांग ,…कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन ,…..गिरफ्तार न करने पर मायावती ने देशव्यापी आन्दोलन की धमकी दी ,…..चौतरफा फंसे बाबा ने बयान के लिए खेद जताया !………राहुल ने बाबा पर प्रतिबन्ध की मांग की !….कांग्रेस ने कड़ी कार्यवाही की मांग की !…..”……….सब भौचक शान्ति से सुनते रहे …चेहरों पर सरसरी निगाह डालकर युवा आगे बोला ..

“……लोकतंत्र के लुटेरे काहे तिलमिलाए हैं ?……डबल सीबीआई जांच के साथ सैकड़ों मुक़दमे ठोकने के बादौ बेहद बेचैन हैं !……आखिर युवराज गांधी का कारनामा कितना जलील है ,….. स्वामीजी ने अब क्या कहा जो बड़ा मुद्दा बन गया ,…सालों से देश के महान मुद्दे और उनका सही समाधान लेकर जगह जगह हर जगह पहुँचने वाले दिलेर फ़कीर का ख़याल समाचारी लोगों को अब काहे आया ……..राजनीतिक दाब में यही लोग शहीदी दिवस के योग महोत्सव को भूल गए थे !………जब इसी महात्मा को सफेदपोश काले सरकारी डकैतों ने आधी रात को कुचला था ,…तब्बो निष्पक्ष मीडिया भरपूर नकारात्मक था ,……खैर ताजा मुद्दा पर लौटते हैं ..

………..नकली गांधियों का नकली भावना खेल बहुत पुराना है !…..ताजे वंशक्रम में राहुल गांधी पूरी शिद्दत से दिखावा करते हैं !…. दलित घरों में टीम टीवी कैमरा तामझाम लेकर जाते हैं ,… वहां सादी पूड़ी सब्जी खाकर दिखाना उनकी जरूरत है !……प्रेम के भूखे सूखे दिल फरेबी मसीहाई पर फ़िदा हो जाते हैं !…….राहुलजी मस्त सैर सपाटा द्वारा ख़ासा वोटबैंक हथियाकर लौटते हैं ,….राजधानी में सातों दिन चौबीस घंटे हनीमून का मौसम रहता है !…….रोज हमारे नोटों का अम्बार ठिकाने लगता है !.. यहाँ उनके लूटतंत्र के गुलाम करिंदे मंत्रालयों में घंटों के हिसाब से हजारों करोड़ कमाते हैं !…..आधा गांधियों का आधे में सब चाटुकार कारिंदे लोग …बाकी बचा जनता का !…..हसन अली जैसे अनेकों ठिकानाबाज लोग माल निपटाने में जुटे रहते हैं ,…..इनके फंसने का खतरा रहता है ,…एक बार बचे ..दो बार बचे ..चार बार बचे ..हर बार की गारंटी कौन लेगा ,..फिर फालतू में दो चार पैसा कमीशन जाता है ,…..ई समस्या से बचने खातिर विदेशी बैंकों को नईदिल्ली बुला लिया गया ,….आजकल पिज्जा डिलेवरी की तरह होम रिसीविंग हो जाती है ……वाह जी वाह !……पिकनिक के सहारे रोज हनीमून का प्रबंध !…धन्य हैं महान गांधी लोग !

ई राहुल गांधी के हनीमून पिकनिक की सच्ची मूरख व्याख्या है ,…… स्वामीजी ने का कहा ………… राहुल दलितों के घर हनीमून पिकनिक जैसा मनाने जाते हैं !……….वो उनसे हमदर्दी का केवल दिखावा करते हैं ,… किसी दलित बेटी से विवाह कर लेते !……वोटों की भरमार मिलती प्रधानमन्त्री बनते !……..उनकी बात में हनीमून शब्द गैरजरूरी हो सकता है ,…..लेकिन सरल स्वामीजी का भाव सीधा सच्चा है ………राहुल गांधी को कौनो दलित से तनिकौ हमदर्दी नहीं है ,…वो केवल मौज मस्ती दिखावा नाटक करने उनके घर जाता हैं !…देश के कौनो नागरिक से तनिकौ हमदर्दी होती तो उनकी गुलाम सरकार दस साल से भीषण लूट न करती !….गांधियों का लूटा धन देश के हर नर नारी का है ,…ये गद्दार हम सबका माल उड़ाते हैं !……..”

युवा रफ़्तार से पढता गया ,…अचानक खेत मालिक ने काटा ……………“..स्वामीजी ने कुछौ गलत न कहा ,…गिरे कमीनों खातिर सटीक उदाहरण है ……”

दूसरा नौजवान साथी भी बोला ………..“…लेकिन सलाह सही दी है !….का पता रहूलवा प्रधानमंत्री बने खातिर अमल करले !.…....”

लेखक युवा ने जबाब दिया ………….“..ऊ सत्ता लोभ में कुछौ कर सकता है ,..लेकिन कौनो स्वाभिमानी हिन्दुस्तानी बिटिया उसपर न थूकेगी !……राहुल गांधी पर दलित बिटिया से सामूहिक बलात्कार का आरोप लगा था !……. विदेशी साथियों के साथ मासूम को क्रूरता से कुचला था ,…फिर ऊ सपरिवार गायब हो गयी !….एक विधायक किशोर समरीते ने न्याय खातिर आवाज बुलंद करी .. लेकिन कोई साथी न मिला !…. बेचारे खुद सजा पा गए !…निन्यानबे कसूरवारों को छोड़ने वाले बिकाऊ न्यायतंत्र ने शैतान बच्चे गांधी को बाइज्जत बरी किया ,……लेकिन देश कैसे मानेगा !………..धुर झूठा राहुल गांधी आजकल सत्य पर भाषणगीरी करता है ,….एकौ पैसा सच्चाई बची हो तो खुला नार्कोटेस्ट कराये !…सब कारनामा सामने आ जाएगा !…”

बाबा बोले …………“..अब सामने आने को बाकी का है ,…माँ बेटे की सरपरस्ती में देश सरेआम लुटा !…..कुटिल योजनाओं की घनघोर मुनादी में देश काटने की साजिश फिर हुई !….सबका साथ सबका विकास कराने वाले हुक्मरान एक खानदान से आगे नहीं बढ़ पाए !……सब साधन मेधा संसाधन वाले महान देश में आज तक बिजली पानी न पूरी कर पाए ,…साथ आजाद हुए देश कहाँ से कहाँ पहुँच गए ,…हम गांधी मंडली की विकासशीलता लादे रहे !..”

नौजवान किसान फिर बोला …………“…ई देश शैतान आदिम चरित्रहीन नेहरूवंशियों की जागीर नहीं है ! …सच अपनाने खातिर जिगरा चाहिए !…..देशद्रोही हर मक्कारी कर सकते हैं ,..सच बोले सुने की औकात नहीं हो सकती !….चुनाव बाद चुपचाप विदेशी गोरियों की गोद में चला जाएगा !..अबकी अमेठी हाथ से गयी !..”

युवा लेखक फिर तमका …….“….गयी तो जाने दो ,.गांधियों ने पचास लाख करोड़ कमाया है ,..दुनिया में काला कारोबार फैलाया है !……व्याहेगा तो विदेशी .. वर्ना कुंवारे जोड़ों का चलन है !….कौन जानता है .. कितनी बार विदेश जाता है ,..कितने विदेशी यार यहाँ आते हैं !…मैक्सिको माफिया की बेटी से पुराना चक्कर चालू है !…..नए भी शुरू होंगे !…बड़े आये दलित नारी सम्मान वाले …”

“…गांधी नेहरू बाबा अम्बेडकर के जमाने से दलित सम्मान खाने वाले शैतान अब उखड़े वाले हैं !…..”……महिला ने दराती से जमीन खोदते हुए कहा तो बाबा फिर बोले

“…. दलित नारी से का बहू !…. कौनो जीव से गांधियों का प्रेम सम्मान केवल दिखावा है !…सत्ता के भूखे लालची भेड़िये केवल मलाईदार गोश्त चाहते हैं ,…इंसान रहे या मरे !….देश बचे या बर्बाद हो !…..सफेदपोश खाल में इनका का बिगड़ेगा ..नेहरू से आजतक इनके दिखावे लूटों साजिशों से देश बर्बाद हुआ है !…”…….किसी ने बाबा का उत्तर नहीं दिया ,..युवा फिर सुनाने लगा

…..“…इतना सुनकर खाऊ परजीवी लोग पीछे पड़ गए ,…..नंगे युवराज की कुत्तई कौन चमचा सुनेगा !…..शान्ति से सुन लिया तो मलाई कैसे मिलेगी !……. महाबुद्धिमानों ने दलित महिला अपमान सूंघ लिया ,…गदहा छाप अनुयाई कैसे पीछे रहते !…..संत बाने में अग्निवेश प्रमोद कृष्णन जैसे कांग्रेसी दलालों को खुलकर स्वामिभक्ति में भौकने का मौका मिल गया !…कौनो शंकराचार्य महराज भी डपटे हैं !…बोले संतई का मतलब मस्त राम राम है ,..दुनिया जाए भाड़ में !..”

खेत स्वामी फिर बोले ………. “…कुछ मठाधीशों का अपना मुनाफा है !…..देश भाड़ में घुसता रहा .. ई लोग पैर पुंजवाकर मस्त पुजापा लेते रहे ,….कमीनी सत्ता पर कभी निगाह न उठी !…समाजी बंटाधार पर कबहूँ न बोले !…शंकराचार्य जी को अबहूँ शान्ति से पाठ पूजा करनी चाहिए ,.सच के साथ नहीं बनते तो विरोधी काहे बने !…”

साथी ने उत्तर दिया ……………“….दुनिया सब समझती हैं रामू भैय्या !……हर साल दो चार शंकराचार्य बनते हैं !…………..स्वामीजी जैसा महान सन्यासी योद्धा हजारों साल में पैदा होता है !…..उनको कौनो पद सम्मान का लालच जरूरत नहीं है ,..तनिकौ चाह होती तो दिल्ली हवाई अड्डे से सीधा राष्ट्रपति भवन पहुंचे होते !……ऊ हर सभा में हमको का समझाते हैं ,….हम राम कृष्ण ऋषि मुनियों की संतानें हैं !….हमको अपना जीवन उनके जैसा ऊंचा बनाना है !…..”

खेत स्वामी फिर बोले …………..“..ऊ केवल समझाते नहीं …खुद करके दिखाते हैं ,…..हर दिशा से भारत उत्थान चाहने वाले की निंदा करना घोर कुटिलता है !….कांग्रेसी चाटुकार दल केजरीवालो उनके सुर में शुरू हुए !…”

युवा लेखक और तैश में आया …………..“…ऊ अपनी औकात जानें तो उनका भला होगा !……भारत द्रोही शाजिया इल्मी जैसे मक्कार लोग बेशर्मी से शीला दीक्षित के मेहमान बनते हैं !…..भौकना इस्लाम खातिर.. खाना लूटतंत्र का !..”

मरियल बाबा शान्ति से बोले …….“…..जो फ़िजूल में स्वामीजी से खिलाफ धुन बजाया ऊ एकदिन नाचेगा जरूर …चाहे कोई हो !……”

…….. “..तमाम लोग पद सम्मान का गलत इस्तेमाल करते हैं !…खाऊ धंधेबाजों को देशहित से का लेना देना ,…सच्चे पर भौंकना जन्मसिद्ध कांग्रेसी अधिकार है !..”……………अबकी किशोर बोला तो सब निगाहें उसकी प्रशंशा में उठ गयी ……युवा ने आगे पढना शुरू किया

“..दलाल कांग्रेसी भौंके तो भौंके !…..माया काहे पगलाई ,…. ऊ जानती है कि स्वामीजी नित मानवता की सेवा करते हैं ,….हिन्दू मुस्लिम सिक्ख इसाई दलित अगड़ा पिछड़ा दबा कुचला उभरा सब उनकी खातिर एक रूप है !….उनसे सबका कल्याण हुआ है ,…सबका कल्याण उनसे ही होगा !..सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय का मन्त्र उनकी नित्य करनी है !..”

नौजवान किसान ने फिर टोका …………..“…माया को किसी से का वास्ता !…..अपना कल्याण होना चाहिए ……………..उकी पगलाहट जायज है !…..सम्मान प्रेम के भूखों पर सवार होकर भरपूर सत्ता सुख लूटा ,……चवन्नी का हिस्सेदार एक मंत्री कुशवाहा अरबों कमाया !……सब मंत्रालयों जिलों तहसीलों थानों से बारह आने खाने का मजा गजब रहा होगा !…”

खेत मालिक फिर बोले ………“..बारह आना न खाया होगा !…..छह माया छह सोनिया का !…..मिल बांटकर सब काम चलता है ,..वर्ना इतने बड़े घोटालों को दिल्ली कैसे सहती !…”

बाबा भी कूदे …………“…दिल्ली दरबार अलग खाता है ,….प्रदेश सरकार अलग खाती है !…..मिले जुले घोटालों में सोनिया को चवन्नी गयी होगी !….पहले कांग्रेस अब बसपा आदि मंडलियों ने सबसे ज्यादा दलितों को चूसा !.”

नौजवान हलकी अंगडाई लेकर आगे बोला ……………..“..सोनिया माया मुलायम सबको लूटों हिसाब देना होगा !…तबहीं सब भन्नाए पगलाए हैं !…….माया ने ठगों ठेकेदारों माफियाओं से मिलकर सरकार चलाई ,…ख़ास पालतू चमचों के अलावा उसका कोई नहीं है !…कासीरामजी के साथी बाहर भगा दिए गए !..”

खेत मालिक को तरस आया ………..“..माया मोह की मारी है बेचारी !……अच्छी मेधा कुंठित अहंकारी हो गयी ……पुराने कांगेस राज में असहनीय जाति अपमान गैरबराबरी झेली है ,..कासीरामजी के साथ जीजान से संघर्ष किया है ,….विधानसभा में मुलायम की क्रूर गुंडई झेली है !….मायावती ने बहुत कुछ झेला है ,..लेकिन अब निजी स्वार्थ में अंधी हो गयी है !……अकेली शाही जिंदगी भयानक जेल जैसी होगी !……जब सब पाप का असल हिसाब होगा तो सोचेगी !..”

नौजवान का गुस्सा बाधा …………“.. कुंठा अहंकार डर और कुकर्म कराता है ,….माया दस नम्बरी धंधेबाजों ठगों ठेकेदारों को आसमानी दाम पर टिकट बेचती है ,……. कैडर बेचारा गुलामी करता है !……”

खेतमालिक का तरस तनिक गुस्से में तब्दील हुआ ………..“…कुकर्म से कौन बचा है कल्लू !……जिंदगी का हर सेकेण्ड जनहित राष्ट्रउत्थान में लगाने वाले स्वामीजी को ठग धूर्त पाखंडी बोला है !…..माने माया का टाइम पूरा मानो !……सरल सन्यासी क्षमा कर सकता है ,..देश माफियाबाज माया को कैसे क्षमा करेगा !…..”

बाद में आये अधेड़ बैठते हुए बोले ………..“..स्वामीजी दलित माताओं बुजुर्गों की पाद पूजा करते हैं !……उपेक्षित मातशक्ति के चरणों में शीश रख आशीर्वाद लेते हैं …..पूरा देश देखा है !…….मायावादी कांग्रेस ने स्वामीजी पर जुल्म किया तो दलित माताओं की अगुवाई में जनविद्रोह फूट पड़ेगा !….फिर न माया बचेगी न कांग्रेस संस चाटुकार मंडली !..”………….क्रमशः

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